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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Pollution: बिहार में आरा की हवा हुई सबसे जहरीली, नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन को दिशा-निर्देश जारी

    By Niraj KumarEdited By: Aysha Sheikh
    Updated: Wed, 22 Nov 2023 11:48 AM (GMT+05:30)

    Bihar Pollution सर्दी आने के साथ बिहार में प्रदूषण फ्री में आया है। एक समय तक बेगूसराय में सबसे ज्यादा एक्यूआई रिकॉर्ड किया जा रहा था लेकिन अब आरा ने ...और पढ़ें

    Bihar Pollution: बिहार में आरा की हवा हुई सबसे जहरीली, नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन को दिशा-निर्देश जारी
    Bihar Pollution: बिहार में आरा की हवा हुई सबसे जहरीली, नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन को दिशा-निर्देश जारी

    HighLights

    1. सड़कों पर लगातार किया जा रहा पानी का छिड़काव
    2. पुराने भवनों को तोड़ने से पहले ग्रीन नेट लगाना जरूरी

    जागरण संवाददाता, पटना। ठंड बढ़ने के साथ ही राज्य में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर होती जा रही है। अधिकांश शहरों में वायु प्रदूषण मानक से बहुत ज्यादा बढ़ गया है। मंगलवार को आरा राज्य का सर्वाधिक प्रदूषित शहर रहा, वहां पर 336 एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) रिकॉर्ड किया गया।

    आरा के अलावा राजगीर में 331, छपरा में 329 एवं कटिहार में 309 एक्यूआइ रिकार्ड किया गया। बिहार राज्य प्रदूषण पर्षद के अध्यक्ष डॉ. डीके शुक्ला का कहना है कि राज्य में वायु प्रदूषण की स्थिति मौसम में आए बदलाव के कारण खराब हुई है। वातावरण में बढ़ रही नमी एवं धूलकण प्रमुख कारण है।

    इस तरह की स्थिति आगे भी बनी रहने की उम्मीद

    मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस तरह की स्थिति आगे भी बनी रहने की उम्मीद है। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन को दिशा-निर्देश जारी किया गया है। सड़कों पर धूलकण कम से कम उड़े उसके लिए नगर निगम की ओर से पानी का छिड़काव किया जा रहा है।

    पुराने भवनों को तोड़ने से पहले ग्रीन नेट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही नए भवन के निर्माण के लिए भी ग्रीन नेट का उपयोग करना है। कई निर्माण एजेंसियों के काम का भी मूल्याकंन किया जा रहा है। मानकों को तोड़ने वाली एजेंसियों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। अब तक राजधानी में निर्माण कार्य कर रहीं दो एजेंसियों पर जुर्माना लगाया गया है।

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    प्रदूषण की स्थिति का अध्ययन

    वर्तमान में गांधी मैदान इलाके में प्रदूषण की स्थिति का अध्ययन किया जा रहा है। अगर वहां भी मानक से ज्यादा प्रदूषण पाया गया, तो निर्माण कार्य से जुड़ी एजेंसी पर कार्रवाई की जाएगी। सबसे पहले निर्माण एजेंसी पर जुर्माना लगाया जाएगा। उससे भी सुधार नहीं हुआ तो कार्य बंद करने का आदेश जारी कर दिया जाएगा।

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