18 करोड़ की सड़क योजना पर वन विभाग का ब्रेक! एक साल से अधूरा फोरलेन, न सड़क पूरी हुई न नाला; पेड़ों ने रोकी रफ्तार
बिहिया (भोजपुर) में 18.43 करोड़ रुपये की आरा-बक्सर मुख्य मार्ग फोरलेन परियोजना एक साल बाद भी अधूरी है, जिससे स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को भारी परेश ...और पढ़ें

सड़क से ऊंचा बना नाला
HighLights
18.43 करोड़ की फोरलेन परियोजना एक साल से अधूरी।
वन विभाग की एनओसी के कारण पेड़ों का हटना रुका।
अधूरी सड़क और ऊंचे नालों से आवाजाही में परेशानी।
संवाद सूत्र, बिहिया(भोजपुर)। आरा-बक्सर मुख्य मार्ग पर यातायात को सुगम बनाने के लिए शुरू की गई करीब 18.43 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण सड़क परियोजना एक साल बाद भी अधूरी है। एनएच-922 और एसएच-102 के जंक्शन से जुड़े पुराने एनएच-84 के करीब 1.98 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन में बदलने का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है।
परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण के साथ आधुनिक नाला और जंक्शन सेफ्टी से जुड़े काम भी किए जाने हैं।
लेकिन निर्माण की धीमी रफ्तार के कारण स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क से ऊंचा बना नाला, अब आवाजाही में बढ़ी परेशानी
सड़क के दोनों ओर ऊंचे नालों का निर्माण कर दिया गया है, जबकि सड़क का काम अधूरा पड़ा है।
इससे सड़क आसपास के हिस्सों से नीचे हो गई है। स्थानीय लोगों को घरों और दुकानों तक आने-जाने में परेशानी हो रही है।
वहीं, सड़क के मौजूदा स्तर और नाले के बीच बने अंतर के कारण वाहन चालकों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य जल्द पूरा होने से ही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
पेड़ों की नंबरिंग हो गई, लेकिन हटाने की बारी अब तक नहीं आई
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले पेड़ों की नंबरिंग पहले ही की जा चुकी है।
इसके बावजूद पेड़ों को हटाने का काम अब तक नहीं हुआ है। यही वजह है कि फोरलेन निर्माण का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए कुछ बड़े पेड़ों को हटाना जरूरी है।
इसके लिए वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिलने का इंतजार किया जा रहा है।
एनओसी मिलते ही रफ्तार पकड़ सकता है काम
पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता के अनुसार, पेड़ों को हटाने के लिए वन विभाग के रीजनल कार्यालय रांची को प्रस्ताव भेजा गया है। एनओसी मिलने के बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
विभाग का कहना है कि अनुमति मिलते ही शेष कार्य शुरू कराने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
हालांकि, स्थानीय लोगों को अब भी यह इंतजार है कि आखिर कब तक सड़क और नाला निर्माण पूरा होकर यह मार्ग पूरी तरह यातायात के लिए तैयार होगा।
एक साल से इंतजार, कब खत्म होगी अधूरी सड़क की कहानी?
इस परियोजना का शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। जिलाधिकारी भी कई बार स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश दे चुके हैं। इसके बावजूद परियोजना की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ सकी है।
करीब 1.98 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद बिहिया, जगदीशपुर, आरा और बक्सर की ओर जाने वाले वाहनों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
अब लोगों की नजर वन विभाग की एनओसी पर टिकी है। सवाल यही है कि 18 करोड़ से अधिक की यह योजना आखिर कब पूरी होगी और लोगों को अधूरी सड़क से कब राहत मिलेगी?