Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दिवाली गिफ्ट के लिए नया आइडिया, मिठाई की जगह मेवा दे रहे लोग; बाजार अफगानी मेवों से हुआ गुलजार

    By Kanchan KishoreEdited By: Aysha Sheikh
    Updated: Tue, 31 Oct 2023 03:01 PM (IST)

    Diwali Gift लोगों ने दिवाली गिफ्ट के लिए नया ट्रेंड शुरू किया है। पहले मिठाई बांटी जाती थी लेकिन अब कई लोग मेवा गिफ्ट कर रहे हैं। दरअसल मिठाई दो से आठ ...और पढ़ें

    दिवाली गिफ्ट के लिए नया आइडिया, मिठाई की जगह मेवा दे रहे लोग; बाजार अफगानी मेवों से हुआ गुलजार
    दिवाली गिफ्ट के लिए नया आइडिया, मिठाई की जगह मेवा दे रहे लोग; बाजार अफगानी मेवों से हुआ गुलजार

    जागरण संवाददाता, आरा। अफगानिस्तान में तालिबानियों का शासन आने के बाद भारत से राजनीतिक रिश्ते भले ही सामान्य नहीं हुए हैं, लेकिन व्यापारिक रिश्ते चल रहे हैं।

    इसका सकारात्मक असर सूखे मेवे के बाजार पर देखने को मिल रहा है। शहर के बाज़ारो में अफगानी मेवे खूब आ गए हैं। मांग के अनुसार आपूर्ति होने से कीमतों में भी पिछले साल की अपेक्षा कोई खास बढ़ोत्तरी नहीं हुई है।

    दीपावली पर मेवे देने का प्रचलन बढ़ा

    आरण्य देवी स्थान के थोक विक्रेता राजकुमार का कहना है कि दीपावली में गिफ्ट के रूप में मेवे देने का प्रचलन काफी बढ़ गया है। कारण है कि मिठाई दो से आठ दिन में खराब हो जाएगी, जबकि मेवा काफी दिनों तक ताजा रहता है।

    इस दीपावली के त्योहार के मौके पर एक बार फिर बाजार अफगानी मेवों की खुशबू से महक रहे हैं। अखास बात यह है कि ज्यादातर मेवे पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष सस्ते हैं या उतनी ही कीमत पर हैं।

    इस बार कीमतें 100 से 150 रुपये किलो कम

    इसमें काजू का भाव इस वर्ष 680 से 880 रुपये किलो है। पिछले वर्ष दीपावली के समय से इस बार की कीमतें 100 से 150 रुपये किलो कम है। कारोबारियों के मुताबिक, तालिबान का कब्जा होने और तमाम व्यवधान के बाद भी अफगानी मेवों की कीमत इसलिए नहीं बढ़ रही है, क्योंकि बहुत से देश वहां से मेवे नहीं ले रहे हैं।

    खबरें और भी

    वहीं, भारत में दिल्ली के बाजार में वहां का मेवा आसानी से आ रहा है। इसलिए वहां मेवों का स्टॉक बहुत ज्यादा है। दूसरी ओर बादाम, काजू, अखरोट में सिर्फ पिस्ता की कीमतों में ही इस वर्ष वृद्धि नजर आ रही है।

    पिस्ता-बादाम की कीमत ज्याद क्यों?

    आरण्य देवी स्थान के मेवा के थोक कारोबारी राज कुमार के मुताबिक, पिस्ता-बादाम की कीमत बढ़ी हुई है, क्योंकि इस वर्ष कैलिफोर्निया की फसल खराब हो गई है। वहां उपज 25 से 30 फीसद कम है। कैलिफोर्निया का पिस्ता बादाम भी अगले सप्ताह में आ जाएगा। हालांकि, इससे इसकी कीमत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

    पिछले वर्ष का कीमत

    पिछले वर्ष बादाम 900 से 990 रुपये किलो था, इस बार 800 से 850 रुपये किलो है। वही पिस्ता बिना छिलका के 1400 है। नमकीन पिस्ता 860 रुपये किलो थोक में बिक रही है। मेवों की आवक भी बहुत अच्छी है और बिक्री भी खूब हो रही है। पिछले 20 दिन से अफगानिस्तान से मेवे भरपूर मात्रा में आ रहे हैं।

    थोक बाजार में मेवों के भाव प्रति किलो

    • पिस्ता - 760 से 1400
    • मुनक्का - 480 से 650
    • बादाम गिरी - 600 से 650
    • अखरोट - 840 से 960
    • अखरोट गिरि - 750 से 1100
    • किशमिश (भारतीय) - 240 से 300
    • किशमिश (कंधारी) - 300 से 350
    • काजू - 620 से 950
    • काजू टुकड़ा - 600 से 880
    • पोस्ता दाना - 1400 से 1600
    • बड़ी इलायची - 800
    • छोटी इलायची - 1300 से 1600
    • छोहरा गुल्ला - 230 से 300
    • मखाना - 400 से 600

    ये भी पढ़ें -

    स्वीकृत में ‘अ’जोड़कर अवैध रूप से बनाया अस्वीकृत, पटना से आई राजस्व विभाग की टीम ने पकड़ी बड़ी गड़बड़ियां; नियम-कानून ध्वस्त

    फिर भी दिल है हिंदुस्तानी... लंदन में दिखी बांग्ला संस्कृति की झलक, भागलपुर की साड़ी पहन सात समंदर पार थिरकीं महिलाएं