भोजपुर डीएम का बड़ा एक्शन! नगर आयुक्त, DAO, DSO समेत 13 अधिकारियों का वेतन रोका
भोजपुर डीएम ने लापरवाही और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर 13 अधिकारियों का वेतन रोका, 24 घंटे में मांगा स्पष्टीकरण। ...और पढ़ें

भोजपुर डीएम का बड़ा एक्शन
HighLights
भोजपुर डीएम ने 13 अधिकारियों का वेतन रोका।
लापरवाही और ड्यूटी से अनुपस्थिति पर हुई यह कार्रवाई।
नए डीएम की सख्ती से लापरवाह अधिकारियों में हड़कंप।
जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर जिले में कार्यों के प्रति लापरवाही और ड्यूटी से गायब रहने वाले नगर आयुक्त, डीएओ, डीएसओ, डीएसआर समेत 13 अफसरों का वेतन बंद करते हुए 24 घंटे में डीएम ने शोकाज मांगा है। इसके साथ ही पूछा है कि क्यों नहीं आपसभी की लापरवाही को देख कार्रवाई के लिए विभाग को रिपोर्ट किया जाए।
नए डीएम की इस कार्रवाई से लापरवाह अफसरों में हड़कंप मच गया है। डीएम मनेश कुमार मीणा के द्वारा विगत दिनों कृषि विभाग के फार्मर रजिस्ट्री कार्यों की समीक्षा के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी डा. नीरज कुमार के द्वारा तथ्यात्मक रिपोर्ट नहीं दी गई। इनकी लापरवाही के कारण राज्य स्तर पर भी फार्मर रजिस्ट्री में जिले की स्थिति बेहद खराब है।
महज 58 राशन कार्ड ही निर्गत
आपूर्ति विभाग की समीक्षा डीएसओ विनय कुमार की उपस्थिति में करते हुए डीएम ने पाया कि 11,503 नए राशन कार्ड आवेदन के बदले महज 58 राशन कार्ड ही निर्गत किया गया है। इस तरह राशन कार्ड कार्य में काफी धीमी गति देखी गई।
बुधवार को पेपरलेस निबंधन कार्यों की समीक्षा के लिए डीएम ने जिला सहायक निबंधन पदाधिकारी, आरा संजय कुमार, पीरो के अवर निबंधक महजवी, जगदीशपुर अवर निबंधक सादाब आजम की खोज की तो पता चला कि वे सभी बिना छुट्टी लिए ही जिला मुख्यालय से गयब हैं।
डीएम ने अगले आदेश तक वेतन बंद किया
पांचों वरीय पदाधिकारियों की कार्यों में लापरवाही को देखते हुए डीएम ने अगले आदेश तक वेतन बंद करते हुए दो दिनों में स्पष्टीकरण का जवाब मांगा है। इसके साथ ही पूछा है कि विभागीय कार्यों के प्रति इतनी बड़ी लापरवाही को देखते हुए क्यों नहीं आप सभी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए विभाग को लिखा जाए।
इधर, ईद पर्व के दिन जिला नियंत्रण कक्ष में तैनात किए गए नगर आयुक्त अंजू कुमारी समेत अधिकांश पदाधिकारी डीएम के औचक निरीक्षण में गायब मिले। हद तो तब हो गई जब सभी के गायब रहने के कारण जिला नियंत्रण कक्ष ही बंद था।
जांच में पता चला कि नगर आयुक्त के अलावे कार्यपालक दंडाधिकारी आरा कलावती कुमारी, अवर सांख्यिकी पदाधिकारी मनेंद्र कुमार, आरा प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी तनुजा पाठक, सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी विकास कुमार और रजनीश कुमार, खान निरीक्षक राज गौरव तथा आरा शहरी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी रंजन सिंह अपने ड्यूटी से गायब थे। सभी से 24 घंटे में स्पष्टीकरण का जवाब मांगते हुए अगले आदेश तक वेतन बंद किया गया है।
पहले से लापरवाही और ड्यूटी से गायब के आदी हो चुके हैं पदाधिकारी
भोजपुर जिले में हाल के वार्षों में डीएम के द्वारा इस तरह की कड़ी समीक्षा और पर्व के दौरान आवश्यक निरीक्षण का यह पहला मामला है। इस तरह की कार्रवाई हाल के वर्षों में नहीं होने के कारण पदाधिकारी बेलगाम हो गए थे। वे हमेशा गायब रहते थे। डीएम की इस कार्रवाई के बाद अब उनके गायब रहने की कार्यशैली पर रोक लगेगी।
सभी विभागों में इसी तरह की समीक्षा और जांच की है जरूरत
हाल के वर्षों में कई डीएम आए और गए, परंतु इस तरह कड़ाई से समीक्षा और औचक निरीक्षण नहीं होता था। इसी तरह की समीक्षा और औचक निरीक्षण जिला मुख्यालय से लेकर अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत मुख्यालय तक जरूरी हो गया है। कई पदाधिकारी प्रखंड और जिला मुख्यालय से गायब रहते हुए राज्य मुख्यालय में रहते हैं, जिस कारण आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
