यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Balu Ghat Nilami: आरा के 18 बालू घाटों की होगी ई-नीलामी, इस तारीख तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
भोजपुर जिले में 18 बालू घाटों को नीलाम करने के लिए 16 मार्च से ऑनलाइन आवेदन डालने की प्रक्रिया शुरू हो गई है यह 19 मार्च तक जारी रहेगी। 19 मार्च तक आव ...और पढ़ें

HighLights
- 19 मार्च तक डाले जाएंगे आवेदन 25 मार्च को होगी नीलामी
- सोन और गंगा के 432 हेक्टेयर में फैले बालू के भंडार का होगा डाक
जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर जिले में 18 बालू घाटों को नीलाम करने के लिए 16 मार्च से ऑनलाइन आवेदन डालने की प्रक्रिया शुरू हो गई। यह 19 मार्च तक चलेगी।
ठेकेदारों के द्वारा रविवार की दोपहर से टेंडर डालने के लिए आवेदन को डाउनलोड कर लेने के साथ उसे जमा करने का भी कार्य शुरू कर दिया गया है। 19 मार्च तक आवेदन जमा होने के बाद 25 मार्च को बालू घाटों की नीलामी ऑनलाइन होगी।
18 बालू घाटों की होगी नीलामी
नए सिरे से जिन बालू घाटों की नीलामी होनी है, उसमें तेरह बालू घाट सोन नदी के किनारे और पांच बालू घाट गंगा नदी के किनारे स्थित है।
सोन नदी के किनारे वाले तेरह बालू घाटों में से नौ घाट ऐसे हैं, जो विगत दिनों ठेकेदारों के द्वारा विभाग में सरेंडर कर दिया गया था। इसके बदले विभाग ने 32 करोड़ रुपये की राशि इन सभी की जब्त कर ली थी।
जिन बालू घाटों की नीलामी होनी है, इनमें सबसे कम 7.02 करोड़ की कीमत से लेकर रिकॉर्ड 25.66 करोड़ तक के अलग-अलग एक-एक कर 18 बालू घाट हैं।
इस प्रकार सभी बालू घाटों की न्यूनतम राशि जोड़ दी जाए तो लगभग 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की होती है। सोन नदी के बालू घाट संख्या 4, 6, 7, 8, 10, 16, 17, 19, 26सी, 29ए, 29बी, 29सी और 30ए हैं।
वहीं, गंगा नदी के बालू घाट संख्या 1, 3ए, 3बी, 4ए और 4बी शामिल है। इन सभी बालू घाटों का रकबा लगभग 432 हेक्टेयर में फैला हुआ है, जहां से बालू ठेकेदार बालू का खनन करा सकते हैं।
नौ बार से गंगा नदी घाट के नहीं मिल रहे खरीदार
भोजपुर जिले में एक तरफ जहां सोन नदी के बालू घाटों को लेने के लिए मारामारी है, वहीं, दूसरी तरफ गंगा नदी के बालू घाट को कोई नहीं पूछ रहा है। पांच बालू घाटों की नीलामी के लिए अब तक नौ बार टेंडर हो चुका है।
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इसके बाद भी अब तक किसी ने इन बालू घाटों के लिए बोली नहीं लगाई है। एक बार फिर दसवीं बार खनन विभाग इसकी नीलामी का प्रयास कर रहा है।
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