आरा के जवइनिया में बोल्डर पिचिंग कार्य में धांधली, 50 की जगह 45 किलो की मिली बोरियां
आरा के जवइनिया गांव में गंगा नदी के कटाव निरोधी कार्य में अनियमितताओं की शिकायत पर जल संसाधन विभाग की टीम ने जांच की। ...और पढ़ें

50 की जगह 45 किलो की मिली बोरियां
HighLights
जवइनिया में गंगा कटाव कार्य में अनियमितताओं की जांच।
50 की जगह 45 किलो की बालू बोरियां मिलीं।
निम्न गुणवत्ता के बोल्डर और सिंगल सिलाई पाई गई।
संवाद सूत्र, शाहपुर (आरा)। गंगा नदी के कटाव निरोधी कार्य के तहत जवइनिया गांव के समीप चल रहे बोल्डर पिचिंग कार्य में कथित अनियमितताओं की शिकायत पर जल संसाधन विभाग के उड़न दस्ता प्रमंडल-6 की टीम ने गहन जांच की।
कार्यपालक अभियंता ई. राजेश रंजन कुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम ने करीब पांच घंटे तक स्थल का निरीक्षण व जांच कर विभिन्न सामग्रियों के नमूने एकत्र किए।
50 की जगह 45 KG की बोरी
जांच के दौरान टीम ने पाया कि लगभग 45 मीटर कार्य उत्तर प्रदेश की सीमा के भीतर कराया गया है। वहीं बालू से भरी बोरियों का वजन 50 किलोग्राम के स्थान पर 45 किलोग्राम पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि बोरियों की सिलाई सिंगल की गई थी। जबकि विभागीय मानकों के अनुसार डबल सिलाई आवश्यक है।
उड़न दस्ता दल ने बोल्डर, बालू, परकोपाइन सामग्री तथा खाली बोरियों के नमूने भी जांच के लिए जब्त किए। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि बोल्डर की आपूर्ति उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से की जानी थी। लेकिन, संवेदक द्वारा मध्य प्रदेश के रीवा से बोल्डर मंगाए गए हैं।
टीम के अनुसार उक्त बोल्डर निम्न गुणवत्ता के होने के साथ-साथ निर्धारित आकार से बड़े भी पाए गए। सभी नमूनों को शिकायतकर्ता जनप्रतिनिधियों द्वारा नामित प्रतिनिधि पंकज कुमार राय उर्फ पप्पू राय एवं अरविंद पांडे की उपस्थिति में सील किया गया।
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सचिवालय को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग
बताया जाता है कि संदेश के विधायक राधाचरण साह एवं शाहपुर की पूर्व विधायक मुन्नी देवी ने इस मामले की जांच कराने के लिए मुख्य सचिव, जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव तथा मुख्यमंत्री सचिवालय को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के बाद विभागीय उड़न दस्ता दल को जांच के लिए भेजा गया।
उल्लेखनीय है कि जवइनिया गांव के समीप गंगा नदी के कटाव को रोकने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा लगभग 52 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत से करीब 1200 मीटर लंबाई में बोल्डर पिचिंग कार्य कराया जा रहा है। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कारवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।