यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar News: लंबे समय से जमे रेल अधिकारियों का बदलेगा जोन-मंडल, रेलवे मंत्रालय ने जारी किया आदेश
Bihar News हाजीपुर रेलवे जोन के अंतर्गत सभी रेल मंडलों में अरसे से जमे बड़े अधिकारियों पर स्थानांतरण की तलवार लटक गई है। रेलवे मंत्रालय ने पांच साल से ...और पढ़ें

HighLights
- रेल मंत्रालय ने इसको लेकर नई पालिसी बनाई है, जिसे लागू करने के लिए सभी महाप्रबंधकों को भेज दी गई है।
- ऑपरेटिंग में कार्य करने व नौकरी करने में रुचि रखते हैं तो उन्हें थे,अब सेफ्टी में भी काम करना होगा।
जागरण संवाददाता, आरा। हाजीपुर रेलवे जोन के अंतर्गत सभी रेल मंडलों में अरसे से जमे बड़े अधिकारियों पर स्थानांतरण की तलवार लटक गई है। रेलवे मंत्रालय ने पांच साल से ज्यादा समय से एक ही मंडल और जोन में जमे
अधिकारियों को दूसरे जोन में भेजने और धरातल पर उतर कर सुरक्षा और संरक्षा में योगदान देने को कहा है। बहुत से अधिकारी एक ही रेल मंडल में कई वर्षो से जमे रह रहे हैं। वैसे अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है।
रेल मंत्रालय ने बनाई नई पॉलिसी
रेल मंत्रालय ने इसको लेकर नई पालिसी बनाई है, जिसे लागू करने के लिए सभी महाप्रबंधकों को भेज दी गई है। जनवरी 2024 से यह पालिसी लागू कर दी गई। रेलवे में अधिकतर अधिकारी एक ही मंडल 10 से 15 साल तक डटे रहते हैं। अधिकारी रुतबे वाले पद को पाने के लिए लालायितम रहते हैं।
वहीं, सेफ्टी के लिहाज से महत्वपूर्ण पदों पर जाने में रुचि नहीं रखते। इसी को लेकर रेल ने नई पालिसी जारी की है। ऑपरेटिंग में कार्य करने व नौकरी करने में रुचि रखते हैं तो उन्हें थे,अब सेफ्टी में भी काम करना होगा। इसके अलावा ग्रुप सी वाले कर्मचारियों को प्रमोशन देने की स्थिति में दूसरे मंडल में जाना होगा।
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पत्र में जारी हुआ ये आदेश
पत्र के अनुसार एक ही मंडल में अधिकारियों को सेफ्टी, आपरेटिंग और कामर्शियल, तीनों ब्रांचों में पांच साल का कार्यकाल पूरा करना होगा। इसके बाद दूसरे मंडल में स्थानांतरण का नियम बनाया गया है।
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि अभी मंडल में अधिकारी एक ब्रांच में दो से तीन साल फिर इसी मंडल में आपरेटिंग और फिर सेफ्टी जैसे पदों पर कार्यरत रह जाते हैं।
ऐसे में एक ही मंडल में कार्यरत पांच साल से काफी अधिक हो जाता है, लेकिन ऐसा अब नहीं होगा। इसमें भी सुरक्षा और संरक्षा जैसे पदों से ज्यादा वाणिज्यिक पदों के लिए हर संभव प्रयास किया जाता है।
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