25 जुलाई से योग निद्रा में जाएंगे श्रीहरि, अगले 4 महीने तक शादी-विवाह सहित मांगलिक कार्यों पर लगेगी रोक
25 जुलाई 2026 को हरि शयनी एकादशी मनाई जाएगी, जिससे चातुर्मास का आरंभ होगा। इस दौरान भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाएंगे और मांगलिक कार्यों पर रोक ल ...और पढ़ें

29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा, 30 जुलाई से महादेव का महीना सावन शुरू (AI Generated Image)
HighLights
25 जुलाई 2026 को हरि शयनी एकादशी मनाई जाएगी।
इस दिन से चातुर्मास शुरू, भगवान विष्णु योग निद्रा में।
अगले चार महीने तक सभी मांगलिक कार्य रहेंगे बंद।
संवाद सूत्र, उदवंंतनगर (आरा)। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को हरि शयनी अथवा देव शयनी एकादशी के रूप में मनाने की प्राचीन परंपरा है। इस एकादशी को पद्मनाभा के नाम से भी जाना जाता है। इस वर्ष शनिवार, 25 जुलाई को एकादशी व्रत मनाया जाएगा।
इसी दिन से चतुर्मास प्रारंभ माना जाएगा। अगले चार महीने तक शादी विवाह आदि मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी। चातुर्मास आषाढ़ शुक्ल पक्ष हरि शयनी एकादशी से शुरू होकर कार्तिक शुक्ल पक्ष देवोत्थान एकादशी को समाप्त होगा।
इस दौरान सृष्टि के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु योग निद्रा में चले जाएंगे। अबकी बार रवि व यायीजय योग का अद्भुत संयोग बन रहा है। मनुष्य स्वाद, ज्ञानेंद्रिय व कामेन्द्रिय पर नियंत्रण रखकर आध्यात्मिक उर्जा संग्रहित कर सकता है।
इस दौरान तपस्वी एक स्थान पर रहकर जप तप करते हैं। चातुर्मास में सभी देवताओं का आवासन ब्रज में होने के कारण धार्मिक यात्राएं केवल ब्रज की हो सकती है। गुरु पूर्णिमा बुधवार 29 जुलाई को मनाई जाएगी। गुरुवार 30 जुलाई को सावन शुरू हो रहा है।
पंडित विवेकानंद पांडेय ने बताया कि वर्ष 2026 में हरि शयनी एकादशी का आगमन आषाढ़ शुक्ल पक्ष शुक्रवार 24 जुलाई को दिन 10:10 बजे से हो रहा है जो शनिवार 25 जुलाई दिन में 11:58 बजे तक रहेगा। उसके बाद द्वादशी की शुरुआत होगी। सूर्योदय के बाद से ही एकादशी का पारणा शुरू हो जाएगा।
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28 जुलाई मंगलवार को शाम 5.51बजे से पूर्णिमा तिथि का आगमन हो रहा है जो बुधवार 29 जुलाई की रात्रि 7.23 बजे तक रहेगी। उसके बाद श्रावण कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि का आगमन होगा। वैसे में गुरुवार 30 जुलाई से सावन शुरू माना जाएगा।
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