आज से बंद होगा महुली घाट-सिताब दियारा पीपा पुल, गंगा पार करने को नाव और 100 किमी अतिरिक्त यात्रा
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण महुली घाट-सिताब दियारा पीपा पुल रविवार से बंद कर दिया जाएगा, जिससे हजारों लोगों की आवाजाही प्रभावित होगी। अब लोगों को ...और पढ़ें

नाव ही बनेगी गंगा पार करने का सहारा
HighLights
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से पीपा पुल बंद।
हजारों लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित होगी।
अब गंगा पार करने को नाव, 100 किमी अतिरिक्त सफर।
संवाद सूत्र, बड़हरा (भोजपुर)। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सिन्हा थाना क्षेत्र स्थित महुली घाट-सिताब दियारा पीपा पुल पर रविवार से आवागमन बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए पुल को खोलने का काम भी शुरू होगा।
पुल बंद होने के साथ ही भोजपुर जिले के खवासपुर पंचायत समेत आसपास के हजारों लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो जाएगी। स्थानीय लोगों को अब वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ेगा।
कई जिलों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग
महुली घाट-सिताब दियारा पीपा पुल भोजपुर के खवासपुर पंचायत को छपरा, सिवान और उत्तर प्रदेश के कई जिलों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।
हर दिन बड़ी संख्या में लोग इस पुल के जरिए आवागमन करते हैं। पुल बंद होने से इन क्षेत्रों के लोगों की परेशानी बढ़ना तय माना जा रहा है।
अब नाव ही बनेगी गंगा पार करने का सहारा
पीपा पुल बंद होने के बाद लोगों के पास गंगा पार करने के लिए केवल नाव का विकल्प बच जाएगा। इससे यात्रा में समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे।
खासतौर पर बारिश के मौसम में नाव से सफर करना भी लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा साबित हो सकता है।
100 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा
जिला मुख्यालय आरा और प्रखंड मुख्यालय बड़हरा तक पहुंचने के लिए लोगों को अब बक्सर या आरा-छपरा फोरलेन मार्ग का सहारा लेना होगा।
इस वजह से यात्रियों को करीब 100 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की खपत बढ़ेगी।
किसान, छात्र और मरीजों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
स्थानीय लोगों के अनुसार पीपा पुल बंद होने से सबसे अधिक परेशानी किसानों, छात्रों, मरीजों और छोटे कारोबारियों को होगी।
लंबी दूरी तय करने के कारण न केवल यात्रा खर्च बढ़ेगा, बल्कि दैनिक कामकाज और जरूरी सेवाओं तक पहुंच भी प्रभावित होगी।
बढ़ते जलस्तर के कारण लिया गया फैसला
पीपा पुल के संचालक राजेश कुमार ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रविवार से पुल को खोलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी वजह से यह निर्णय लिया गया है।
इस बार तय समय से ज्यादा दिनों तक चालू रहा पुल
गौरतलब है कि हर वर्ष पीपा पुल को लगाने के बाद 15 जून तक हटाने का निर्देश रहता है। हालांकि इस बार गंगा के जलस्तर में अपेक्षित वृद्धि नहीं होने के कारण पुल 10 जुलाई तक चालू रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अतिरिक्त अवधि से उन्हें कुछ समय तक राहत जरूर मिली, लेकिन अब एक बार फिर आवागमन की पुरानी समस्याएं सामने आएंगी।