पटना-बक्सर NH-922 पर सफर हुआ महंगा, कार से लेकर ट्रकों तक सभी श्रेणियों का शुल्क बढ़ा
पटना-बक्सर NH-922 पर कुल्हड़िया टोल प्लाजा पर 1 अगस्त से टोल दरें बढ़ गई हैं, जिससे यात्रा महंगी हो गई है। कार, जीप और वैन के लिए एक तरफ का शुल्क 105 ...और पढ़ें

कुल्हड़िया टोल प्लाजा पर बढ़ा टोल टैक्स। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
कुल्हड़िया टोल प्लाजा पर 1 अगस्त से नई दरें लागू।
कार, जीप का एक तरफ का टोल 105 से 110 रुपये।
मासिक पास और भारी वाहनों का शुल्क भी बढ़ा।
संवाद सूत्र, कोईलवर (आरा)। पटना-बक्सर एनएच-922 पर सफर करने वाले वाहन चालकों की जेब पर एक बार फिर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है।
अतिक्रमण, जाम और कई जगहों पर खराब सड़क की समस्या से जूझ रहे इस मार्ग पर अब टोल टैक्स भी बढ़ गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से जारी संशोधित दरें शनिवार, 1 अगस्त से कुल्हड़िया टोल प्लाजा पर लागू कर दी गई हैं।
नई दरों के अनुसार, कार, जीप और वैन जैसे छोटे चारपहिया वाहनों के लिए एक तरफ का टोल शुल्क 105 रुपये से बढ़ाकर 110 रुपये कर दिया गया है।
2 घंटे में वापसी पर 165 रुपये शुल्क
वहीं, 24 घंटे के भीतर वापसी करने वाले वाहनों के लिए अब 165 रुपये का शुल्क देना होगा। स्थानीय वाहन चालकों के लिए जारी मासिक पास भी महंगा हो गया है। छोटे गैर-व्यावसायिक वाहनों के मासिक पास की कीमत 350 रुपये से बढ़ाकर 360 रुपये कर दी गई है।
केवल छोटे वाहनों ही नहीं, बल्कि एलसीवी, मिनी बस, बस, दो एक्सल ट्रक, तीन एक्सल, चार से छह एक्सल और सात या उससे अधिक एक्सल वाले भारी वाहनों के टोल शुल्क में भी 10 रुपये तक की वृद्धि की गई है।
नई दरें लागू होने के बाद शनिवार से टोल प्लाजा पर संशोधित शुल्क के अनुसार वसूली शुरू हो गई। स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि एनएच-922 पर सफर पहले से ही आसान नहीं है।
सड़क की बदहाली और जाम से जूझते यात्रियों को लगा झटका
कई स्थानों पर सड़क की खराब स्थिति, अतिक्रमण और रोजाना लगने वाले जाम के कारण यात्रा में समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत होती है। ऐसे में टोल दर बढ़ने से यात्रियों और व्यावसायिक वाहन संचालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
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सूत्रों के अनुसार, कुल्हड़िया टोल प्लाजा के संचालन का नया टेंडर हाल ही में जारी किया गया है। अब इसका संचालन छत्तीसगढ़ की एक निजी कंपनी को सौंपा गया है।
संचालन एजेंसी बदलने के तुरंत बाद नई टोल दरें लागू कर दी गई हैं। हालांकि, एनएचएआई का कहना है कि टोल दरों का संशोधन निर्धारित नियमों और समय-समय पर होने वाली वार्षिक समीक्षा के तहत किया जाता है।