22 अक्टूबर से नियमित चलेगी रानी कमलापति-अगरतला एक्सप्रेस, आरा जंक्शन पर दोनों दिशाओं में ठहराव
रानी कमलापति-अगरतला एक्सप्रेस 22 अक्टूबर 2026 से नियमित रूप से चलेगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। ट्रेन आरा जंक्शन ...और पढ़ें

आरा जंक्शन पर रानी कमलापति एक्सप्रेस का ठहराव। फाइल
HighLights
रानी कमलापति-अगरतला एक्सप्रेस 22 अक्टूबर 2026 से नियमित चलेगी।
आरा जंक्शन पर दोनों दिशाओं में ट्रेन का ठहराव।
मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, पूर्वोत्तर यात्रियों को मिलेगी राहत।
जागरण संवाददाता, आरा। दानापुर मंडल के अंतर्गत आरा जंक्शन पर रानी कमलापति भोपाल-अगरतला एक्सप्रेस नियमित ट्रेन चलेगी। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है।
यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ी राहत दी है। करीब छह-सात साल से स्पेशल ट्रेन के रूप में संचालित रानी कमलापति भोपाल-अगरतला एक्सप्रेस अब नियमित रूप से चलेगी।
रेलवे के अनुसार, ट्रेन संख्या 11665/11666 का नियमित परिचालन 22 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। इसके नियमित होने से मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर के बीच सफर करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।
दूसरे दिन सुबह आरा जंक्शन पहुंचेगी
ट्रेन संख्या 11665 रानी कमलापति-अगरतला एक्सप्रेस प्रत्येक गुरुवार को रानी कमलापति स्टेशन से दोपहर 3:20 बजे रवाना होगी। अगले दिन शुक्रवार को सुबह करीब 9:03 बजे आरा जंक्शन पहुंचेगी।
आरा में ठहराव के बाद ट्रेन शनिवार को करीब 7:25 बजे अगरतला पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 11666 अगरतला-रानी कमलापति एक्सप्रेस प्रत्येक रविवार को अगरतला से शाम 5:20 बजे खुलेगी।
सोमवार को रात करीब 11:28 बजे आरा जंक्शन पहुंचेगी। इसके बाद मंगलवार को शाम 4:40 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी।
दोनों दिशाओं में आरा जंक्शन पर ठहराव होने से भोजपुर समेत आसपास के जिलों के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में बड़ी सुविधा मिलेगी।
खासकर अगरतला, झारखंड और मध्य प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों को नियमित ट्रेन का विकल्प मिलेगा। इससे यात्रा की योजना बनाने और सीट की उपलब्धता के अनुसार टिकट बुक करने में भी सहूलियत होगी।
23 कोच के साथ चलेगी ट्रेन
नियमित परिचालन के दौरान ट्रेन में कुल 23 कोच लगाए जाएंगे। इसमें चार जनरल, 11 स्लीपर, पांच थर्ड एसी और एक सेकंड एसी कोच के अलावा दो एसएलआर कोच शामिल होंगे।
लंबे समय से स्पेशल के रूप में चल रही ट्रेन के नियमित होने से यात्रियों को अब इसके परिचालन को लेकर अधिक स्थायी सुविधा मिल सकेगी।
