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    बिहार भूमि सर्वे में खाता आधारित वंशावली को मान्यता; आमसभा में क‍िया जाएगा सत्यापन

    Updated: Mon, 25 May 2026 03:45 PM (IST)

    सिमरी प्रखंड में भूमि सर्वे को पारदर्शी बनाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसमें खाता आधारित वंशावली को मान्यता देने और आमसभा में उसके ...और पढ़ें

    सर्वे को पारदर्शी और त्रुटिरह‍ित बनाने का प्रश‍िक्षण।

    सर्वे को पारदर्शी और त्रुटिरह‍ित बनाने का प्रश‍िक्षण।

    HighLights

    1. सिमरी में भूमि सर्वे पर पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक।

    2. खाता आधारित वंशावली को मिलेगी अब मान्यता।

    3. आमसभा में वंशावली का होगा सत्यापन, विवाद रुकेंगे।

    संवाद सहयोगी, सिमरी (बक्सर)। सिमरी प्रखंड में चल रहे भूमि सर्वे कार्य को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए सोमवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार भवन में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की गई।

    बैठक में सर्वे विभाग के अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील करते हुए सर्वे से जुड़ी नई प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी।

    बैठक को संबोधित करते हुए सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी शशिशेखर पाण्डेय ने कहा कि सिमरी प्रखंड में भूमि सर्वे का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

    आमसभा कर वंशावली का होगा सत्‍यापन 

    इस बार सर्वे प्रक्रिया में खाता आधारित वंशावली को मान्यता दी जाएगी, जिससे जमीन संबंधी रिकॉर्ड को अधिक सटीक और व्यवस्थित बनाया जा सके।

    उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर आम सभा आयोजित कर रैयतों द्वारा जमा की गई वंशावली का सत्यापन पंचायत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कराया जाएगा।

    इसका उद्देश्य भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि, आपत्ति या भूमि विवाद की स्थिति को रोकना है। अधिकारियों ने कहा कि भूमि सर्वे सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिससे जमीन संबंधी पुराने विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।

    इसके लिए आम लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है। रैयतों से अपील की गई कि वे समय पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं और सर्वे कार्य में सक्रिय सहयोग करें।

    बैठक में प्रमुख प्रतिनिधि विजय शंकर दुबे, मुखिया प्रेमसागर कुंवर, धर्मराज चौरसिया, ललन प्रसाद, बबन प्रसाद, दिनेश साह, अशोक धोबी समेत विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधि और सर्वे कर्मी मौजूद रहे।

    अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सर्वे कार्य के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका अहम होगी। विभाग का प्रयास है कि सर्वे प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी हो और लोगों को भविष्य में भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी परेशानियों का सामना न करना पड़े।