यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Buxar Bhagalpur Expressway: बिहार से दिल्ली-हरियाणा तक का सफर होगा आसान, पटना से लखनऊ सिर्फ 6 घंटे में; पढ़ें पूरी डिटेल
बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे (Buxar Bhagalpur Expressway) बिहार से उत्तर प्रदेश के तमाम शहरों और दिल्ली हरियाणा का सफर काफी आसान कर देगा। इसका निर्माण प ...और पढ़ें

HighLights
- बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे से खुलेगी समृद्धि की नई राह
- डेढ़ घंटे में पटना और चार घंटे में पहुंचेंगे भागलपुर
शुभ नारायण पाठक, बक्सर। बहुप्रतीक्षित बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे के निर्माण को लेकर वर्ष 2024-25 का केंद्रीय बजट उम्मीदें जगाने वाला है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में बक्सर के लिए दो बड़ी घोषणाएं की हैं। बक्सर में दो लेन का तीसरा पुल बनाना भी इसमें शामिल है।
केंद्रीय मंत्री ने बिहार की अलग-अलग सड़क परियोजनाओं के लिए कुल 26 हजार करोड़ रुपए की मदद देने की बात कही है। इनमें पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे के अलावा बोधगया, राजगीर, वैशाली और दरभंगा की सड़कों को बनाने की बात कही गई है।
इन योजनाओं में एक की निविदा की प्रक्रिया भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पहले ही शुरू कर दी है। बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे बिहार से उत्तर प्रदेश के तमाम शहरों और दिल्ली, हरियाणा का सफर काफी आसान कर देगा। इसका निर्माण पूरा होने के बाद बक्सर से भागलपुर का सफर केवल चार घंटे में पूरा होगा।
पटना से लखनऊ सिर्फ 6 घंटों में
साथ ही पटना से लखनऊ पांच से छह घंटे में पहुंचा जा सकेगा। भागलपुर से लखनऊ आठ से नौ घंटे में जाना संभव होगा। बक्सर को चार लेन की सड़क और दो-दो लेन के दो नए पुलों के सहारे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से जोड़ने पर काम पहले ही शुरू हो चुका है। इनमें दो लेन का एक पुल बीते वर्ष बनकर तैयार होने के बाद यातायात के लिए खोल दिया गया था। अब यहां दो लेन का एक और पुल बनाने की तैयारी है।
खबरें और भी
बक्सर में इन दोनों के अलावा 1977 का बना एक और दो लेन पुल चालू हालत में है। हालांकि इस पुल के कमजोर हो जाने के कारण इस पर केवल हल्के चारपहिया और दोपहिया का ही आवागमन होता है। मौजूदा दोनों पुल एक-दूसरे से बिल्कुल सटकर बनाए गए हैं। तीसरा पुल भी इनके ठीक बगल में ही बनेगा। इस तरह बक्सर में गंगा पर तीन पुल हो जाएंगे। इनमें से नए वाले दोनों पुल के जरिए बक्सर-पटना एनएच 922 और भविष्य में बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे का पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव हो जाएगा।
फिलहाल ये पुल बिहार के बक्सर को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के अंतर्गत भरौली कस्बे से जोड़ते हैं। भरौली से बलिया-गाजीपुर हाईवे के सहारे गाड़ियां पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक जाती हैं। उत्तर प्रदेश की सीमा में भी बलिया और गाजीपुर के बीच फेफना और रसड़ा रेलवे लाइन के किनारे से होते हुए नया ग्रीन फील्ड छह लेन का हाइवे बन रहा है।
भरौली में बन रही 17 KM लंबी सड़क
बक्सर को इस हाईवे से जोड़ने के लिए लगभग 17 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क भरौली से बन रही है। इसी सड़क के जरिए बिहार के वाहन भविष्य में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे। इसके लिए गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर के पास इंटरचेंज प्वाइंट बनाया जा रहा है। करीब 350 किलोमीटर होगी एक्सप्रेसवे की लंबाई बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे के लिए सर्वे होना और डीपीआर बनना अभी शेष है।
बिहार सरकार के इस प्रस्ताव को फिलहाल केंद्र से मंजूरी मिलने की औपचारिकता शेष है। केंद्रीय बजट में घोषणा के बाद उम्मीद जगी है कि इसके लिए सर्वे जल्द शुरू होगा। सर्वे पूरा होने के बाद ही इस मार्ग की लंबाई और दिशा स्पष्ट होगी। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि यह मार्ग 350 किलोमीटर के करीब लंबा होगा।
बीते फरवरी महीने में राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने विधानसभा में बताया था कि यह एक्सप्रेसवे बक्सर से पटना होकर गुजरेगा।
क्या होता है एक्सप्रेस-वे?
एक्सप्रेसवे का मतलब होता है एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे। ऐसी सड़क को दोनों तरफ से घेरकर बनाया जाता है, ताकि कोई वाहन, आदमी या जानवर अचानक सड़क पर नहीं आए। एक्सप्रेस-वे से दूसरी सड़कों को जोड़ने के लिए बेहद सुनियोजित तरीके से जंक्शन और इंटरचेंज प्वाइंट बनाए जाते हैं। इसके कारण ऐसी सड़कों पर वाहनों के सामने से कोई अवांछित खतरा आने की आशंका कम हो जाती है और गति स्वभाविक तौर पर बढ़ जाती है।