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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Buxar News: लापरवाही पर शिक्षा विभाग सख्त, कतकौली के प्रभारी प्रधानाध्यापक सस्पेंड; सामने आई ये वजह

    Updated: Thu, 01 May 2025 08:10 PM (IST)

    बक्सर में शिक्षा विभाग ने लापरवाही पर सख्ती दिखाते हुए कतकौली प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक नागेंद्र राम को निलंबित कर दिया है। उन पर वित ...और पढ़ें

    लापरवाही पर शिक्षा विभाग सख्त, कतकौली के प्रभारी प्रधानाध्यापक सस्पेंड
    लापरवाही पर शिक्षा विभाग सख्त, कतकौली के प्रभारी प्रधानाध्यापक सस्पेंड

    HighLights

    1. प्रधानाध्यापक नागेंद्र राम निलंबित
    2. कतकौली स्कूल में अनियमितताएं
    3. लापरवाही पर शिक्षा विभाग सख्त

    जागरण संवाददाता, बक्सर। अब शिक्षा विभाग में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा रही है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले प्रभारी प्रधानाध्यापकों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए कार्यवाही के अधीन किया जा रहा है।

    ऐसे ही जिले के सदर प्रखंड के कतकौली प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक नागेंद्र राम पर कार्रवाई की गाज गिरी है। विभाग ने उन्हें विभागीय कार्यवाही के अधीन कर दिया है। इस बाबत जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना विष्णुकांत राय ने कार्यालय आदेश जारी कर दिया है।

    औचक निरीक्षण के बाद की कार्रवाई

    यह कार्रवाई तत्कालीन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, बक्सर और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान) मो.शारिक अशरफ द्वारा विद्यालय के औचक निरीक्षण के बाद की गई है।

    डीपीओ स्थापना द्वारा जारी कार्यालय आदेश में कहा गया है कि बीईओ एवं डीपीओ ने विद्यालय का निरीक्षण करने के उपरांत प्रभारी प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन वह उसका संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए थे।

    प्रधानाध्यापक पर लगे ये आरोप

    इस परिस्थिति में दोनों निरीक्षण प्रतिवेदनों की समीक्षा के बाद, जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार पांडेय ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, अपील एवं नियंत्रण) नियमावली 2005 के तहत प्रधानाध्यापक को विभागीय नियमों के विपरीत कार्य करने, विद्यालय प्रबंधन पर नियंत्रण न रखने, वित्तीय अनियमितता बरतने, पठन-पाठन में रुचि न लेने, छात्रों की उपस्थिति में वृद्धि न करने और उच्चाधिकारी के आदेशों का उल्लंघन करने के आरोपों में विभागीय कार्रवाई के अधीन कर दिया।

    कार्यालय आदेश में कहा गया है कि इस संबंध में आरोप पत्र अलग से गठित किया जाएगा और उपस्थापन पदाधिकारी एवं संचालन पदाधिकारी भी नामित किए जाएंगे।

    जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इस कार्रवाई को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है, जिससे शिक्षा विभाग में अनुशासन और गुणवत्ता बनाए रखने का स्पष्ट संदेश दिया गया है। यह घटना शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त न करने की विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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