बिहार: पिता चाहते थे सरकारी नौकरी, बेटे ने चुना कारोबार; अब दूसरों को दे रहे रोजगार
पिता की सरकारी नौकरी की इच्छा के विपरीत स्वयं प्रकाश ने बेकरी कारोबार चुना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से मिली मदद से 'पफ बेकरी' शुरू की।

HighLights
पिता की इच्छा के विरुद्ध स्वयं प्रकाश ने चुना कारोबार।
पीएमईजीपी से 10 लाख की मदद से शुरू की बेकरी।
'पफ बेकरी' आज सात लोगों को दे रही है रोजगार।
राजेश तिवारी, बक्सर। पिता की इच्छा थी कि बेटा पढ़-लिखकर सरकारी नौकरी करे, लेकिन कारोबारी परिवार में पले-बढ़े स्वयं प्रकाश के मन में कुछ और ही था। नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय उन्होंने बाजार की जरूरत को अपना अवसर बनाया और बेकरी उत्पादों के कारोबार में कदम रख दिया।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत मिली 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता ने उनके इस सपने को जमीन दी। आज उनकी इकाई न सिर्फ आत्मनिर्भरता की मिसाल है, बल्कि सात लोगों के लिए रोजगार का जरिया भी बन चुकी है।
शहर के औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले व्यवसायी विनोधर ओझा के पुत्र स्वयं प्रकाश ने पोस्ट ग्रेजुएट तक शिक्षा प्राप्त की है। उनके पिता चाहते थे कि वह सरकारी नौकरी करें। मगर पिता को कारोबार करते देख स्वयं प्रकाश की रुचि भी शुरू से व्यवसाय में थी।
शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने रोजगार की तलाश करने के बजाय ऐसा काम चुनने का फैसला किया, जिसकी बाजार में लगातार मांग बनी हुई थी। स्वयं प्रकाश ने बेकरी कारोबार की बारीकियां सीखीं।
बन, ब्रेड, पिज्जा बेस, पावरोटी और पाव भाजी जैसे उत्पादों के निर्माण की जानकारी हासिल करने के बाद उन्होंने पीएमईजीपी के तहत वित्तीय सहायता के लिए प्रयास किया।
मई 2023 में 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलने के बाद उन्होंने शेड का निर्माण कराया, मशीनरी खरीदी और कच्चा माल जुटाकर उत्पादन शुरू कर दिया।
शुरुआत में उन्होंने योजना से मिली राशि से ही कारोबार खड़ा किया। कारोबार धीरे-धीरे आगे बढ़ा तो स्वयं प्रकाश ने भी करीब पांच लाख रुपये का निवेश किया। शुरुआती दौर आसान नहीं था।
उनका कहना है कि करीब दो से ढाई साल तक कारोबार में मुनाफा नहीं हुआ। उत्पादन और बाजार तैयार करने के साथ-साथ बैंक ऋण की ईएमआई चुकाने का दबाव भी था। बावजूद इसके उन्होंने कारोबार बंद करने के बजाय उसे लगातार आगे बढ़ाया। अब वह अपना लोन पूरी तरह चुका चुके हैं और कारोबार मुनाफे में है।
बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए स्वयं प्रकाश ने अपनी इकाई में रोटरी रैक ओवन, डो मशीन और स्पाइरल ब्रेड कटर जैसी मशीनें लगाई हैं। वर्तमान में प्रतिदिन करीब 300 पैकेट बर्गर, 200 पैकेट पिज्जा बेस तैयार किए जाते हैं। इसके अलावा पाव भाजी और अन्य बेकरी उत्पादों का निर्माण भी मांग के अनुसार किया जाता है।
उनका उत्पाद ‘पफ बेकरी’ नाम से बाजार में पहुंच रहा है। फिलहाल इसकी मुख्य आपूर्ति रेस्टोरेंट और होटलों में होती है। बिक्री का दायरा अभी बक्सर जिला मुख्यालय तक सीमित है, लेकिन उत्पाद की मांग अब दूसरे क्षेत्रों से भी आने लगी है। स्वयं प्रकाश की इकाई में वर्तमान में सात लोगों को रोजगार मिल रहा है।
उनका कहना है कि जिस समय उन्होंने कारोबार शुरू किया था, उस समय प्राथमिकता व्यवसाय को खड़ा करना और ऋण की किस्तें चुकाना था। अब कारोबार मुनाफे में आने के बाद उनका लक्ष्य उत्पादन क्षमता बढ़ाना है। वह अब कारोबार को बक्सर से बाहर ले जाने की तैयारी में हैं।
उनकी योजना पूरे शाहाबाद क्षेत्र के साथ बक्सर से सटे उत्तर प्रदेश के जिलों में अपने उत्पाद की आपूर्ति शुरू करने की है। स्वयं प्रकाश के मुताबिक, इन क्षेत्रों से भी उनके उत्पादों की मांग आ रही है। स्वयं प्रकाश ने अपने कारोबार में ग्राहकों के भरोसे को प्राथमिकता देते हुए रिटर्न पॉलिसी भी रखी है। हालांकि, होटल और रेस्टोरेंट से सामान्यतः उत्पाद वापस नहीं आते हैं।
उनका मानना है कि बाजार में लंबे समय तक टिके रहने के लिए उत्पाद की गुणवत्ता और ग्राहक का भरोसा सबसे महत्वपूर्ण है। स्वयं प्रकाश की कहानी सिर्फ एक कारोबारी की सफलता की कहानी नहीं, बल्कि उस सोच का उदाहरण भी है जिसमें युवा नौकरी खोजने के बजाय रोजगार देने वाला बनने का रास्ता चुनता है।
