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छात्राओं को चप्पल से पीटने वाली हेडमास्टर सस्पेंड, बक्सर में शिक्षा विभाग की कड़ी कार्रवाई 

Published: Sat, 05 Sep 2026 03:53 PM (IST)

शिक्षा विभाग ने बक्सर में दो प्रधानाध्यापकों को बच्चों की सुरक्षा और विद्यालय संचालन में लापरवाही के आरोप में निलंबित ...और पढ़ें

एआई जनरेटेड फोटो

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HighLights

  1. बक्सर में दो प्रधानाध्यापक लापरवाही और दुर्व्यवहार के आरोप में निलंबित।

  2. एक हेडमास्टर पर छात्राओं को चप्पल, स्केल से पीटने का आरोप।

  3. दूसरे का निलंबन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद।

जागरण संवाददाता, बक्सर। सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, शैक्षणिक माहौल और विद्यालय संचालन में लापरवाही को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से जारी दो अलग-अलग आदेशों के आधार पर आचार्य नरेंद्र देव मध्य विद्यालय, बक्सर की प्रधानाध्यापिका अंजू कुमारी और चौसा प्रखंड के बालिका मध्य विद्यालय रामपुर के प्रभारी प्रधानाध्यापक विपिन कुमार को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के अधीन किया गया है।

आचार्य नरेंद्र देव मध्य विद्यालय से संबंधित मामले में 28 जुलाई को प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर विद्यालय में बच्चों के बीच मारपीट, शिक्षकों की अनियमित उपस्थिति, शैक्षणिक गतिविधियों में कमी और विद्यालय प्रबंधन में लापरवाही समेत कई गंभीर बिंदु सामने आए।

छात्राओं ने लगाया पिटाई का आरोप

जांच में छात्राओं ने आरोप लगाया कि पदस्थापित शिक्षिका अंजू कुमारी द्वारा छात्राओं की पिटाई की जाती है। आरोप यह भी था कि अंजू कुमारी द्वारा लोहे के स्केल और चप्पल से बालिकाओं को पीटा जाता है। जांच के दौरान बालिकाओं ने बच्चों के बीच मारपीट की शिकायत भी की।

प्रतिवेदन में विद्यालय में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति संतोषजनक नहीं होने, शिक्षकों द्वारा पाठ-टीका का समुचित अद्यतन नहीं किए जाने, कतिपय शिक्षकों के ड्रेस कोड में नहीं रहने तथा शिक्षकों एवं बच्चों के बीच बेहतर समन्वय नहीं होने की बात कही गई।

विद्यालय प्रबंधन में लापरवाही और कर्तव्यहीनता के आरोपों पर प्रधानाध्यापिका से स्पष्टीकरण मांगा गया था, जिसे संतोषप्रद नहीं पाए जाने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।

सोशल मीडिया में वायरल हुआ था वीडियो

वहीं, बालिका मध्य विद्यालय रामपुर, चौसा का मामला इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो के बाद सामने आया। 29 जुलाई को प्रसारित वीडियो में विद्यालय की छात्राओं के साथ कथित मारपीट और शारीरिक क्षति पहुंचाने का मामला सामने आया था।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने एक अगस्त को विद्यालय का निरीक्षण कराया। इसके बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक विपिन कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया।

प्राप्त स्पष्टीकरण के बाद भी मामला संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उन्हें विद्यालय संचालन में लापरवाही, अनुशासनहीनता तथा शिक्षक की मर्यादा एवं आदर्श आचरण के विरुद्ध कार्य करने के आरोप में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत निलंबित किया गया।

दोनों मामलों में निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय भी निर्धारित किया गया है। शिक्षा विभाग की कार्रवाई से विद्यालयों में बच्चों के साथ व्यवहार और शिक्षकों की जवाबदेही को लेकर सख्ती का स्पष्ट संदेश गया है।

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