सालों का इंतजार खत्म: बक्सर में 26 करोड़ का इटाढ़ी गुमटी ओवरब्रिज अंतिम चरण में; जल्द दौड़ेंगी गाड़ियां
बक्सर की इटाढ़ी गुमटी पर बन रहा रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) अब पूरा होने के करीब है। इससे सालों से जाम की समस्या झेल रहे छह प्रखंडों के लाखों लोगों को जल्द ...और पढ़ें

ईटाढ़ी ओवरब्रिज पर हो रहा कालीकरण। जागरण
HighLights
इटाढ़ी गुमटी आरओबी का निर्माण अंतिम चरण में।
अप्रैल अंत तक वाहनों का परिचालन संभव।
लाखों लोगों को जाम से मिलेगी राहत।
जागरण संवाददाता, बक्सर। शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली इटाढ़ी गुमटी पर बन रहा रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) अब आखिरकार पूरा होने के करीब है।
सालों से जाम की समस्या से जूझ रहे छह प्रखंडों के लाखों लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। मौजूदा रफ्तार बरकरार रही तो अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक इस पुल पर वाहनों का परिचालन शुरू हो सकता है।
पहुंच पथ का काम लगभग पूरा
रेलवे और राज्य सरकार के बीच समन्वय की कमी के कारण लंबे समय तक अटका यह प्रोजेक्ट अब रफ्तार पकड़ चुका है।
रेलवे लाइन के उत्तर दिशा में पहुंच पथ का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। मिट्टी और बेस तैयार है, केवल कालीकरण और लेवलिंग का कार्य शेष है, जिसे जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं, दक्षिण दिशा में पहुंच पथ की भराई पूरी हो चुकी है। फिलहाल साइड में पत्थर खड़ा करने का काम जारी है। इसके बाद यहां भी सड़क को अंतिम रूप देते हुए कालीकरण शुरू किया जाएगा।
गंभीर बनी हुई है जाम की समस्या
अधिकारियों के अनुसार, पुल का मुख्य ढांचा पहले ही तकनीकी रूप से पूरी तरह तैयार हो चुका है। शादी-विवाह के सीजन में इस मार्ग की स्थिति और भी भयावह हो जाती थी।
इटाढ़ी, नावानगर, केसठ और राजपुर प्रखंडों को जोड़ने वाले इस रास्ते पर घंटों जाम लगा रहता है, जिससे एम्बुलेंस और स्कूल बसें तक फंस जाती हैं।
स्थानीय निवासी मनोज पांडेय और गोविंद मिश्रा का कहना है कि सब्जी मंडी के अतिक्रमण से तो राहत मिली, लेकिन निर्माण की धीमी रफ्तार ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।

(आरओबी के पहुंच पथ पर डाली जा रही मिट्टी।)
31 मार्च है पूर्ण होने की तय तिथि
वहीं, रेल ट्रैफिक इंचार्ज विंध्याचल पांडेय के अनुसार गुमटी बंद होने पर ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ जाता है और व्यवस्था संभालना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
बिहार राज्य पुल निर्माण विभाग के मुताबिक, बक्सर-बरूना रेलवे स्टेशन के बीच एलसी नंबर 70बी पर बन रहे इस आरओबी की प्रशासनिक स्वीकृति 24 जनवरी 2022 को मिली थी।
करीब 26.40 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ यह निर्माण कार्य 25 अक्टूबर 2022 को शुरू हुआ था और इसे 24 जनवरी 2024 तक पूरा होना था। अब विभागीय दस्तावेजों में इसकी संभावित पूर्णता तिथि 31 मार्च 2026 बताई गई है।