कुछ कदम की दूरी अब 2 किमी! बक्सर में 130 करोड़ का ROB; क्या यात्रियों के लिए बनेगा मुसीबत?
बक्सर रेलवे ओवरब्रिज मई के पहले सप्ताह तक चालू होगा, जिससे जाम से राहत मिलेगी लेकिन स्थानीय यात्रियों के लिए नई चुनौतियां खड़ी होंगी। दक्षिणी हिस्से क ...और पढ़ें

बक्सर धनसोई मार्ग स्थित रेलवे फाटक। जागरण
HighLights
मई के पहले सप्ताह तक आरओबी चालू होगा।
दक्षिणी यात्रियों के लिए 2 किमी अतिरिक्त दूरी।
स्टेशन पर पार्किंग और सर्कुलेशन की समस्या बढ़ेगी।
जागरण संवाददाता, बक्सर। बक्सर रेलवे स्टेशन के पास बन रहा रेल ओवरब्रिज (ROB) जहां जाम से मुक्ति और तेज रेल परिचालन की उम्मीद जगा रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय यात्रियों के लिए नई दिक्कतें भी खड़ी कर रहा है।
रेलवे की ओर से लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन के कायाकल्प की योजना तैयार है, लेकिन बोर्ड की मंजूरी अभी लंबित है। ऐसे में फिलहाल विकास और असुविधा—दोनों साथ-साथ चलते दिख रहे हैं।
मई के पहले हफ्ते तक ROB चालू करने का दबाव
रेलवे ने निर्माण एजेंसी को निर्देश दिया है कि मई के प्रथम सप्ताह तक हर हाल में ओवरब्रिज चालू किया जाए।
इसका सीधा असर बक्सर–धनसोई मार्ग स्थित रेलवे फाटक पर पड़ेगा।
इसे स्थायी रूप से बंद करने की तैयारी है। उद्देश्य साफ है—फाटक पर लगने वाले जाम और ट्रेन संचालन में देरी से राहत।
दक्षिण दिशा के यात्रियों के लिए बढ़ेगी दूरी
ROB चालू होते ही सबसे ज्यादा असर स्टेशन के दक्षिणी हिस्से से आने वाले यात्रियों पर पड़ेगा।
- अभी जहां स्टेशन कुछ कदम की दूरी पर है, वहां अब करीब 2 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना होगा
- समय और किराया—दोनों बढ़ेंगे
- रोजाना आने-जाने वालों के लिए यह बड़ी समस्या बन सकती है
प्लेटफॉर्म-3 एंट्री पर जाम का खतरा
अगर यात्री प्लेटफॉर्म नंबर 3 की ओर से प्रवेश करते हैं तो:
- पार्किंग और सर्कुलेटिंग एरिया की कमी
- वाहनों का दबाव बढ़ेगा
- स्टेशन परिसर में ही जाम की स्थिति बन सकती है।
प्लेटफॉर्म-1 तक पहुंच भी होगी मुश्किल
पश्चिम दिशा से आने वाले यात्रियों को प्लेटफॉर्म नंबर 1 तक पहुंचने के लिए:
खबरें और भी
- स्टेशन के बाहर से लंबा रास्ता तय करना होगा
- टिकट काउंटर तक पहुंचना और मुश्किल होगा
- बुजुर्ग और जल्दबाजी में यात्रा करने वालों के लिए परेशानी बढ़ेगी
विकास बनाम सुविधा: संतुलन की चुनौती
रेलवे जहां एक तरफ आधुनिक सुविधाओं के साथ स्टेशन को अपग्रेड करने की योजना पर काम कर रहा है, वहीं स्थानीय लोगों की चिंता है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के फाटक बंद करना भारी पड़ सकता है।
👉 क्या जरूरी है?
- दक्षिण दिशा के यात्रियों के लिए वैकल्पिक रास्ता
- प्लेटफॉर्म-3 के पास पार्किंग विस्तार
- बेहतर सर्कुलेशन प्लान