'साहब, भूत उतार दीजिए...' बिहार पुलिस के पास पहुंच रहीं ऐसी शिकायतें, पढ़कर रह जाएंगे हैरान
डायल-112 सेवा, जो गंभीर अपराधों के लिए शुरू की गई थी, अब डुमरांव में भूत उतारने, चोरी और घरेलू झगड़ों जैसी अजीबोगरीब शिकायतों से जूझ रही है। ...और पढ़ें

डायल 112 सेवा का हो रहा दुरुपयोग। फाइल
HighLights
डायल-112 को भूत उतारने, कड़ाही चोरी की शिकायतें मिल रही हैं।
सेवा का दुरुपयोग होने से पुलिस का समय बर्बाद हो रहा है।
वास्तविक आपात स्थितियों में मदद पहुंचने में देरी हो सकती है।
अनिल कुमार ओझा, डुमरांव (बक्सर)। लोगों की सुरक्षा और आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता के लिए शुरू की गई डायल-112 सेवा डुमरांव में इन दिनों अजीबोगरीब शिकायतों से जूझ रही है।
हत्या, लूट, सड़क दुर्घटना, महिलाओं की सुरक्षा और अन्य गंभीर आपराधिक घटनाओं में तत्काल मदद पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस सेवा का दुरुपयोग हो रहा है।
अब भूत-प्रेत उतारने, कड़ाही चोरी, भैंस खोजने, पति-पत्नी के विवाद सुलझाने और घरेलू झगड़ों में उलझकर रह गई है।इसका असर यह हो रहा है कि पुलिस का बहुमूल्य समय और संसाधन ऐसे मामलों में खर्च हो रहे हैं।
जिनका समाधान कई बार आपसी बातचीत या स्थानीय स्तर पर भी संभव है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में डायल-112 पर आने वाली शिकायतों में बड़ी संख्या ऐसे मामलों की रही है, जिनका कानून-व्यवस्था या आपात स्थिति से कोई सीधा संबंध नहीं था।
इससे वास्तविक जरूरतमंदों तक समय पर पुलिस सहायता पहुंचाने में भी परेशानी हो सकती है।
'भूत उतारने' के लिए बुला ली पुलिस
23 जुलाई को राजडीहा गांव से दो पक्षों में मारपीट की सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि विवाद डायन-टोना के आरोप को लेकर हुआ था।
पुलिस जब दोनों पक्षों को समझाने लगी तो एक पक्ष ने पुलिसकर्मियों से ही भूत-प्रेत उतारने की मांग कर दी। पुलिसकर्मी भी कुछ देर के लिए असहज स्थिति में पड़ गए और काफी समझाने के बाद मामला शांत कराया गया।
लूट की सूचना निकली फर्जी
25 जुलाई को एक युवती ने बैंक के पास रुपये छीनने की सूचना देकर डायल-112 को बुलाया। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, लेकिन वहां न तो युवती मिली और न ही उसके मोबाइल पर संपर्क हो सका।
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काफी तलाश के बावजूद शिकायतकर्ता का कोई पता नहीं चल सका। पुलिस इसे फर्जी सूचना मानकर मामले की जांच कर रही है।
कहीं सिटकनी खोली, कहीं सुलह कराई
24 जुलाई की रात पुलिस को भाई-बहन के घरेलू विवाद को सुलझाने के लिए जाना पड़ा। वहीं, शहर से करीब 13 किलोमीटर दूर एक बुजुर्ग ने मदद मांगी।
पुलिस पहुंची तो पता चला कि उनका बेटा बाहर से दरवाजा बंद कर कहीं चला गया था। पुलिस ने केवल सिटकनी खोलकर बुजुर्ग को बाहर निकाला और मामला समाप्त हो गया।
इसी तरह नंदन गांव में दो गोतनियों के झगड़े, पति की शिकायत कि उसकी पत्नी किसी अन्य व्यक्ति से फोन पर बात करती है, दो पत्नियों के बीच विवाद, देवर पर कड़ाही चोरी का आरोप और बंझु डेरा में भैंस गुम होने जैसी शिकायतों पर भी डायल-112 की टीम को दौड़ लगानी पड़ी।
घरेलू विवादों की बढ़ी संख्या
डायल-112 के प्रभारी सुमंत कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान में सबसे अधिक कॉल घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों से संबंधित आ रहे हैं।
कई मामलों में पिता-पुत्र, पति-पत्नी, भाई-बहन या अन्य रिश्तेदारों के बीच मामूली गलतफहमियां ही विवाद का कारण होती हैं। पुलिस मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाती है, जिसके बाद अधिकांश मामले शांत हो जाते हैं।
गंभीर मामलों में हो सकती है देरी
डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने कहा कि डायल-112 आम लोगों के लिए जीवनरक्षक आपातकालीन सेवा है। इसका उद्देश्य अपराध, दुर्घटना और अन्य गंभीर परिस्थितियों में तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है।
यदि इस सेवा को गैर-जरूरी मामलों में लगातार व्यस्त रखा जाएगा तो किसी वास्तविक आपात स्थिति में पुलिस के पहुंचने में देरी हो सकती है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि डायल-112 का उपयोग केवल वास्तविक और गंभीर आपात परिस्थितियों में ही करें, ताकि पुलिस के समय और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके और जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।