57.44 करोड़ के डुमरांव आरओबी पर ब्रेक; रेलवे-वन विभाग की खींचतान से काम ठप
डुमरांव में 57.44 करोड़ रुपये की आरओबी परियोजना रेलवे और वन विभाग के बीच एनओसी विवाद के कारण रुक गई है। यह गतिरोध 2027 तक परियोजना पूरी करने के लक्ष्य ...और पढ़ें

रेल ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए एनएच 120 के किनारे बनाया गया आधा अधूरा नाला।
HighLights
57.44 करोड़ की डुमरांव आरओबी परियोजना का काम रुका।
वन विभाग से एनओसी न मिलने से रेलवे निर्माण में बाधा।
विभागीय खींचतान से 2027 तक परियोजना पूरी होने पर संकट।
संवाद सहयोगी, डुमरांव (बक्सर)। वर्षों से जाम की समस्या झेल रहे डुमरांववासियों के लिए राहत की उम्मीद बना पश्चिमी रेलवे फाटक पर प्रस्तावित आरओबी निर्माण कार्य एक बार फिर प्रशासनिक उलझनों में फंस गया है।
करीब 57.44 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का काम पिछले एक महीने से पूरी तरह ठप है। इसकी वजह वन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) को लेकर रेलवे और वन विभाग के बीच प्रक्रिया संबंधी मतभेद है।
रेलवे के अधिकारी सुजीत सिंह ने बताया कि वन विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण निर्माण का अगला चरण शुरू नहीं हो पा रहा है।
वहीं, भोजपुर के डीएफओ प्रदुमन गौरव का कहना है कि रेलवे गलत प्रक्रिया अपनाकर पेड़ कटाई की अनुमति मांग रहा है।
एनओसी पर विभागों के अलग-अलग दावे बने बाधा, नाला निर्माण रुका
उनका कहना है कि जिस भूमि पर पेड़ हैं, वह केंद्र सरकार की है। इसलिए रेलवे को पहले केंद्र सरकार से भूमि संबंधी अनुमति लेनी होगी। इसके बाद ही वन विभाग पेड़ कटाई की अनुमति पर विचार करेगा।
दोनों विभागों के अलग-अलग दावों से स्पष्ट है कि परियोजना में देरी अभी और बढ़ सकती है। आरओबी निर्माण के कई महत्वपूर्ण तकनीकी चरण पहले ही पूरे किए जा चुके हैं।
पुल की मजबूती जांचने के लिए 1,000 टन भार के साथ सफल लोड टेस्ट किया गया। इसके अलावा स्टैंडर्ड पेनिट्रेशन टेस्ट (एसपीटी), सर्वे लेवल निर्धारण और लोड पाइलिंग जैसे कार्य भी मानकों के अनुरूप पूरे हो चुके हैं।
अब नाला निर्माण होना है, लेकिन एनओसी के अभाव में यह कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। इंजीनियरों के अनुसार, नाला निर्माण के बाद पाइल की कंक्रीटिंग, राफ्ट निर्माण और फिर सुपर स्ट्रक्चर का काम शुरू होगा।
2027 तक परियोजना पूरी होने के लक्ष्य पर भी मंडराया संकट
यदि मौजूदा विवाद जल्द नहीं सुलझा तो सरकार द्वारा वर्ष 2027 के अंत तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य प्रभावित हो सकता है।
डुमरांव स्टेशन का पश्चिमी रेलवे फाटक डीडीयू–पटना रेलखंड की सबसे व्यस्त क्रॉसिंग में शामिल है। यहां से प्रतिदिन करीब 2,200 वाहन गुजरते हैं।
फाटक बार-बार बंद होने से स्कूली बच्चों, मरीजों, एंबुलेंस और आम लोगों को लंबे जाम का सामना करना पड़ता है। कई बार इसका असर रेल परिचालन पर भी पड़ता है।
स्थानीय नागरिक रामबहादुर सिंह, प्रदीप जायसवाल और बसंत राय समेत अन्य लोगों ने निर्माण कार्य रुकने पर नाराजगी जताई है।
उनका कहना है कि वर्षों के इंतजार के बाद परियोजना ने रफ्तार पकड़ी थी, लेकिन विभागीय समन्वय के अभाव में लोगों की उम्मीदों पर फिर पानी फिरता दिख रहा है। उन्होंने सरकार से दोनों विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।
डीएफओ ने कहा
"रेलवे गलत प्रक्रिया अपनाकर पेड़ कटाई की अनुमति मांग रहा है। पहले उसे केंद्र सरकार से भूमि संबंधी अनुमति लेनी होगी। इसके बाद ही वन विभाग पेड़ कटाई की अनुमति पर विचार करेगा।"
प्रद्युुुम्न गौरव, डीएफओ, भोजपुर