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    सुलझ नहीं सका डुमरांव अनुमंडल कार्यालय को 15 एकड़ जमीन ट्रांसफर का पेंच, अधर में लटका आवास निर्माण का मामला

    Updated: Tue, 10 Mar 2026 03:57 PM (IST)

    डुमरांव को अनुमंडल का दर्जा मिले 31 साल हो गए, पर अधिकारियों के आवास निर्माण के लिए 15 एकड़ जमीन का हस्तांतरण अब भी अटका है। पशुपालन विभाग से भूमि हस् ...और पढ़ें

    सुलझ नहीं सका डुमरांव अनुमंडल कार्यालय को 15 एकड़ जमीन ट्रांसफर का पेंच

    सुलझ नहीं सका डुमरांव अनुमंडल कार्यालय को 15 एकड़ जमीन ट्रांसफर का पेंच

    HighLights

    1. डुमरांव को अनुमंडल बने 31 वर्ष, अधिकारियों का आवास निर्माण लंबित।

    2. अधिकारियों के आवास हेतु 15 एकड़ जमीन हस्तांतरण प्रक्रिया अटकी हुई।

    3. पशुपालन विभाग से अंतर-विभागीय स्वीकृति न मिलने से समस्या बनी।

    अरूण विक्रांत, डुमरांव (बक्सर)। डुमरांव को अनुमंडल का दर्जा प्राप्त हुए 31 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अनुमंडल स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों के आवास निर्माण का मामला अब भी अधर में लटका हुआ है। इस कारण अधिकारी और कर्मचारी किराए के मकानों या उधार के भवनों में रहने को मजबूर हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों में असुविधा हो रही है।

    जानकारी के अनुसार, अनुमंडल कार्यालय और आवास निर्माण के लिए पशुपालन विभाग की लगभग 15 एकड़ जमीन पर अंतर-विभागीय भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया लंबित है।

    शासन स्तर पर कई बार इस दिशा में कवायद शुरू की गई, लेकिन प्रस्ताव पर स्वीकृत्यादेश अब तक प्राप्त नहीं हो सका है। विशेष रूप से, अनुमंडल स्तरीय अधिकारियों के आवास निर्माण से जुड़े हस्तांतरण प्रस्ताव पर सरकार का आदेश फंसा हुआ है।

    उल्लेखनीय है कि पशुपालन विभाग की 4.57 एकड़ जमीन पर 75 बेड वाले अनुमंडलीय अस्पताल के निर्माण के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा अंतर-विभागीय हस्तांतरण की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।

    अस्पताल और अनुमंडल कार्यालय दोनों ही पशुपालन विभाग की इसी जमीन पर बने भव्य भवन में संचालित हो रहे हैं, जो आमने-सामने स्थित हैं। कार्यालय भवन तो बन गया, लेकिन अधिकारियों के आवास का निर्माण नहीं हो सका। आश्चर्यजनक रूप से, सरकार से अंतर-विभागीय हस्तांतरण स्वीकृत्यादेश नहीं मिल सका।

    इस बीच पशुपालन विभाग के हरियाणा फार्म प्रबंधन ने अनुमंडल कार्यालय के पूर्वी-दक्षिणी छोर पर स्थित प्रवेश द्वार से सटी जमीन पर चारदीवारी का निर्माण करा लिया है। इस घेराबंदी के कारण अनुमंडल कार्यालय के आसपास स्टेशनरी और फोटोस्टेट की कई दुकानदार अपनी अस्थायी गुमटियां लगाने के लिए मजबूर हो गए हैं।

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    हरियाणा फार्म के तत्कालीन प्रबंधक फतेहुज्जमा ने बताया कि अनुमंडल कार्यालय के लिए भूमि हस्तांतरण संबंधी स्वीकृत्यादेश उपलब्ध नहीं है। विभाग ने अपनी ही जमीन की घेराबंदी कराई है। उन्होंने यह भी कहा कि पशुपालन विभाग से बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिए ही अनुमंडल कार्यालय भवन का निर्माण कराया गया था।