Makar Sankranti 2026 Date: 14 या 15 जनवरी... साल 2026 में कब है मकर संक्रांति? 16 घंटे तक रहेगा पुण्यकाल
Makar Sankranti 2026 Date: मकर संक्रांति 14 को है या 15 जनवरी को, इसको लेकर लोगों के मन में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। शास्त्रों के अनुसार, सूर्य के प ...और पढ़ें

मकर संक्रांति 2026। (जागरण)
HighLights
मकर संक्रांति 15 जनवरी को, पुण्यकाल 16 घंटे तक रहेगा।
18 जनवरी को मौनी अमावस्या, खरमास का होगा अंत।
मांगलिक कार्य 1 फरवरी से, गंगा स्नान का विशेष महत्व।
गिरधारी अग्रवाल, बक्सर। हिंदुओं के त्योहारों में मकर-संक्रांति का विशेष महत्व है, इसे देवताओं का आरंभ दिवस माना गया है। वाराणसी पंचांग अनुसार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 की रात्रि 9:19 बजे हो रहा है।
प्रसिद्ध कर्मकांडी अमरेंद्र कुमार शास्त्री, ज्योतिषाचार्य पंडित नरोत्तम द्विवेदी ने संयुक्त रूप से बताया कि शास्त्र के मतानुसार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के 16 घंटे तक का समय पुण्यकाल होता है। अतः मकर-संक्रांति का त्योहार 15 तारीख दिन गुरुवार को मनाया जाएगा।
इस दिन श्रद्धालु समयानुकूल समय में स्नान, दान आदि संपूर्ण धर्म को विधिवत संपादित कर सकते हैं। हिंदू पुराणों में वर्णित एक कथा के अनुसार मकर-संक्रांति के दिन जब भगवान सूर्य अपने पुत्र भगवान शनि के पास जाते हैं। उस समय भगवान शनि मकर राशि का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं।
अतः मकर-संक्रांति पर भगवान सूर्यदेव की उपासना और दान करने का विशेष महत्त्व है जो अक्षय फलदायी होता है। इसी दिन से सूर्य उत्तर पथ-गामी हो जाएंगे और इसके साथ ही धरती से सूर्य की दूरी कम होने लगेगी।
पिछले एक माह से लगा खरमास भी समाप्त हो जाएगा। परंतु शुक्रास्त के कारण मांगलिक कार्य अभी प्रारंभ नहीं हो सकेंगे। इसके दो दिन बाद यानी 18 तारीख (रविवार) को मौनी अमावस्या है।
एक फरवरी को शुक्रोदय
शुक्रोदय माघ पूर्णिमा की तिथि को यानी एक फरवरी को होगा। इसके पश्चात मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश, वधु प्रवेश द्विरागमन (गौना), उपनयन, जैसे सभी शुभ एवं मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाएंगे।
आचार्यों ने बताया कि 2026 में पहला वैवाहिक लग्न शुभ मुहूर्त चार फरवरी को है। फरवरी-मार्च में छोटे-बड़े कुल 28 दिन विवाह योग्य शुभ लग्न मुहूर्त हैं।
अनुकूल रहा मौसम तो जुटेगी भीड़
फिलहाल, कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लेकिन मकर संक्रांति एवं मौनी अमावस्या पर मौसम अनुकूल रहा तो गंगा स्नानार्थियों की अच्छी खासी भीड़ जुटेगी। बता दें कि यहां गंगा का प्रवाह उत्तरायणी होने से जिले के दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा अन्य जिले व निकटवर्ती उत्तरप्रदेश के जनपदों से भी काफी संख्या में गंगा स्नानार्थी पहुंचते हैं।
मकर-संक्रांति त्योहार के दिन क्या करें
मकर-संक्रांति को दैनिक क्रियाकलाप के बाद स्नान कर एक लोटे में लाल फूल और अक्षत डाल कर सूर्य को अर्घ्य दें, सूर्य के बीज मंत्र का जाप करें। इस दिन भगवान सूर्य के साथ-साथ भगवान गणेश, माता लक्ष्मी व भगवान शिव की भी पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और मनुष्य का सोया भाग भी खुल जाता है।
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इस दिन श्रीमद्भागवत का एक अध्याय या गीता का पाठ करें, गायत्री स्त्रोत का जप करें। नए अन्न, कम्बल, तिल, घी, धार्मिक पुस्तक आदि का दान करना अति शुभ है। साथ ही भोजन में नए अन्न की खिचड़ी बनाएं और सर्वप्रथम इस भोजन को भगवान को समर्पित करके तत्पश्चात प्रसाद के रूप में ग्रहण करें।
कर्मकांडियों ने बताया कि इस दिन किसी गरीब व्यक्ति को बर्तन समेत तिल का दान करने से शनि से जुड़ी हर पीड़ा से मुक्ति मिलती है।
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