यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ayushman Card: कैसे बनेगा आयुष्मान कार्ड? बिहार में चल रहा गजब 'खेल', पिछले 4 दिनों से...
कई लाभुकों ने बताया कि राशन कहीं से भी उठा लेने की नाराजगी की वजह से कार्ड नहीं बनाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि तीन-चार दिनों में जब राशन आएगा तब उस ...और पढ़ें

HighLights
- ऑपरेटरों की मनमानी, आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य बेमानी
- आयुष्मान कार्ड बनाने में डीलर और ऑपरेटरों की मिलीभगत से बाधा
- ऑपरेटर के नहीं आने से नहीं बनाया जा रहा कार्ड, लाभुकों को हो रही परेशानी
जागरण संवाददाता, दरभंगा। जिले में दो मार्च से शुरू हुआ आयुष्मान कार्ड बनाने का अभियान पीडीएस डीलरों और ऑपरेटरों की मिलीभगत से फेल हो सकता है। उदाहरण है बहादुरपुर प्रखंड की सिमरा नेहालपुर पंचायत। शहर के करीब होने के बावजूद चार दिन से ऑपरेटर के नहीं आने से कार्ड बनना शुरू नहीं हुआ है। जबकि अंतिम तिथि आठ मार्च ही है।
इस कारण बड़ी संख्या में लोग कार्ड बनाए बगैर लौटने को मजबूर हैं। सिमरा नेहालपुर पंचायत के डीलर सुनील यादव ने बताया कि उनके यहां जिस ऑपरेटर को आना था, उसका मोबाइल ही बंद है। एमओ से लेकर प्रखंड के तमाम जिम्मेवार अधिकारियों को सूचित करने पर भी कोई दूसरा ऑपरेटर नहीं भेजा जा रहा है। हालांकि, लाभुक दूसरी कहानी बताते हैं।
कई लाभुकों ने बताया कि राशन कहीं से भी उठा लेने की नाराजगी की वजह से कार्ड नहीं बनाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि तीन-चार दिनों में जब राशन आएगा, तब उसके साथ ही कार्ड बनाया जाएगा। ऐसा ही हाल बेनीपुर और बिरौल का है। बेनीपुर के एसडीएम शंभूनाथ झा भी लगभग आधी जगहों पर ऑपरेटरों के नहीं पहुंचने की बात मानते हैं।
प्रखंड के इटहरवा, तरौनी, उफरदाहा, देवराम, कोठबन्ना, किशोरीपुर, मकरमपुर, महिनाम, रमौली, बेनीपुर, नंदापट्टी आदि जगहों की पीडीएस दुकानों पर ऑपरेटर की अनुपलब्धता के कारण आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा है। इन गांवों में भी इसके पीछे डीलरों और ऑपरेटरों की मिलीभगत का आरोप लगाया जा रहा है।
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बिरौल प्रखंड की भी कई पीडीएस दुकानों पर चौथे दिन भी आयुष्मान कार्ड नहीं बनाए गए। कई जगहों पर कार्ड बनाने के लिए गए 200 से 300 रुपये तक की मांग होने की शिकायत भी मिली।
तीन दिन में बने मात्र 56013 आयुष्मान कार्ड
डीएसओ कार्यालय के रिपोर्ट के अनुसार विगत तीन दिनों में 56013 परिवारिक सदस्यों का आयुष्मान कार्ड बनाया गया है। यहां बता दें कि डीएसओ राकेश रंजन ने जो डाटा उपलब्ध कराया है। उसके अनुसार जिले में दो हजार जविप्र विक्रेताओं की दुकान है। इसमें से 1394 कामन सर्विस सेंटर ही कार्य कर रहा है। वहीं जिले में कुल 867217 परिवारों के पास राशनकार्ड उपलब्ध है।