दुनिया के बाजारों में बजा बिहार के मखाने का डंका, दरभंगा और मधुबनी से 80% तक निर्यात
Bihar Makhana Production: प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में बिहार के मखाने की बढ़ती वैश्विक मांग का उल्लेख किया, ...और पढ़ें

वोकल फॉर लोकल और बेहतर पैकेजिंग के कारण अब बिहार का मखाना यूरोपीय देश ग्रीस तक पहुंच चुका है। (AI Generated Image)
HighLights
पीएम मोदी ने 'मन की बात' में मखाने का जिक्र किया।
बिहार का मखाना 'वोकल फॉर लोकल' से ग्रीस तक पहुंचा।
दरभंगा, मधुबनी से 80% मखाना वैश्विक बाजारों में निर्यात।
संवाद सहयोगी, कुशेश्वस्थान (दरभंगा)। PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम के 139वें एपिसोड में बिहार के मखाने की बढ़ती वैश्विक मांग का विशेष रूप से उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि किस तरह वोकल फॉर लोकल और बेहतर पैकेजिंग के कारण अब बिहार का मखाना यूरोपीय देश ग्रीस तक पहुच चुका है।
कार्यकर्ताओं ने जताया आभार
कुशेश्वरस्थान के बूथ संख्या 257 पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूर्वी मंडल अध्यक्ष रोशन कुमार राय की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना। बिहार के मखाने की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती मांग और प्रधानमंत्री की सराहना पर कार्यकर्ताओं ने खुशी जताते हुए पीएम का आभार व्यक्त किया।
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वर्षों की मेहनत रंग लाई
पीएम मोदी ने भले ही पूर्णिया के मखाने का विशेष उल्लेख किया हो, लेकिन यह उपलब्धि सिर्फ एक सूचना भर नहीं है। यह बिहार के देसी उत्पाद के वैश्विक मंच पर छाने की खुशी और इसके पीछे किसानों व उद्यमियों की सालों की कड़ी मेहनत को मिला सही सम्मान है।
दरभंगा मधुबनी की भूमिका
मखाने के उत्पादन, प्रोसेसिंग और इसे देश-विदेश के बाजारों तक भेजने की दिशा में मिथिलांचल के दो प्रमुख जिले दरभंगा और मधुबनी लगातार अव्वल प्रदर्शन कर रहे हैं।
इन दोनों जिलों की पारंपरिक दक्षता और आधुनिक पैकेजिंग से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है।
देश का 85 प्रतिशत उत्पादन
वित्तीय वर्ष 2025-26 के द्वितीय अग्रिम अनुमानों के अनुसार भारत में मखाना का कुल उत्पादन लगभग 80,590 मीट्रिक टन है।
देश के इस कुल उत्पादन में अकेले बिहार की हिस्सेदारी लगभग 80 से 90 प्रतिशत तक है, जहाँ सरकारी आंकड़ों के अनुसार 60,000 मीट्रिक टन से अधिक उत्पादन होता है।
प्रमुख जिलों का योगदान
बिहार में उत्पादित होने वाले कुल मखाने में दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया और कटिहार की संयुक्त हिस्सेदारी लगभग 80 प्रतिशत है।
दरभंगा और मधुबनी मखाना उत्पादन के सबसे पुराने और प्रमुख केंद्र हैं, वहीं पूर्णिया और कटिहार प्रोसेसिंग व ग्रेडिंग के बड़े गलियारे के रूप में उभरे हैं।
वैश्विक बाजार में पहचान
जीआई टैग प्राप्त 'मिथिला मखाना' की मांग दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है। भारत वैश्विक स्तर पर मखाने की 80 प्रतिशत मांग को पूरा करता है।
दरभंगा और मधुबनी से मखाना अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस समेत यूरोपीय देशों, खाड़ी देशों और पूर्वी एशिया के बाजारों में निर्यात किया जा रहा है।
सुपरफूड है मखाना
मखाना (कमल के बीज) को उसके बेहतरीन पोषण तत्वों और स्वास्थ्य फायदों के कारण सुपरफूड माना जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ कई गंभीर बीमारियों से भी बचाते हैं।
कम कैलोरी और वसा
मखाने में कैलोरी और फैट की मात्रा बेहद कम होती है। इस वजह से यह वजन घटाने की यात्रा में और दिल की सेहत को दुरुस्त रखने के लिए सबसे बेहतरीन स्नैक माना जाता है।
प्रोटीन और फाइबर प्रचुर
मखाने में अच्छी मात्रा में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन और फाइबर पाया जाता है। यह पाचन तंत्र में सुधार करने के साथ-साथ पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती।
एंटीऑक्सीडेंट्स का पावरहाउस
मखाने में फ्लेवोनोइड्स और कैम्फेरोल जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं। यह शरीर में होने वाली सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव से लड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।
मजबूत हड्डियों का आधार
इसमें मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटेशियम और फॉस्फोरस जैसे जरूरी खनिज भरपूर मात्रा में मिलते हैं। यह तत्व हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और बेहतर नींद के साथ हृदय स्वास्थ्य में मदद करते हैं।
नियंत्रित रहेगा ब्लड शुगर
मखाने का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है, जिससे यह शरीर में शुगर को धीरे-धीरे रिलीज़ करता है। यह विशेषता ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करती है, जिससे यह डायबिटीज रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद है।