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    बिहार पंचायत चुनाव 2026: आरक्षण में बदलाव से दरभंगा के गांवों में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी

    By Vijay Kumar Rai Edited By: Ajit kumar
    Updated: Sat, 09 May 2026 12:10 PM (IST)

    Bihar Panchayat Election: बिहार पंचायत चुनाव 2026 में संभावित आरक्षण रोस्टर बदलाव को लेकर ग्रामीण इलाकों में सियासी हलचल तेज हो गई है। वर्तमान जनप्रति ...और पढ़ें

    इस खबर में प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    इस खबर में प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। 

    संवाद सहयोगी, केवटी (दरभंगा)। Bihar Panchayat Election Reservation Roster: बिहार पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियों की आहट के साथ ही ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

    संभावित आरक्षण रोस्टर में बदलाव की चर्चाओं ने गांवों की सियासत को गर्म कर दिया है। चौक-चौराहों से लेकर चाय दुकानों तक पंचायत चुनाव और आरक्षण को लेकर चर्चा का दौर शुरू हो गया है।

    इस बार मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और वार्ड सदस्य पदों के आरक्षण स्वरूप में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

    हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई है, लेकिन संभावित फेरबदल की चर्चाओं ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है।

    वर्तमान जनप्रतिनिधियों की बढ़ी चिंता

    आरक्षण में बदलाव की संभावना से वर्तमान जनप्रतिनिधियों की चिंता बढ़ गई है। कई पंचायत प्रतिनिधियों को आशंका है कि सीट का आरक्षण बदलने पर उन्हें चुनावी मैदान से बाहर होना पड़ सकता है।

    इसी वजह से मौजूदा जनप्रतिनिधि अपने राजनीतिक समीकरण मजबूत करने और नई रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं।

    नए दावेदारों में दिख रहा उत्साह

    दूसरी ओर संभावित बदलाव ने नए दावेदारों में उत्साह भर दिया है। कई लोग अब खुलकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में संभावित उम्मीदवारों ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है और मतदाताओं से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।

    गांवों में चुनावी चर्चा तेज

    प्रखंड क्षेत्र के गांवों में चुनावी माहौल धीरे-धीरे गहराने लगा है। चाय दुकानों, सामाजिक बैठकों और चौपालों में पंचायत चुनाव सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। लोग अलग-अलग पंचायतों के संभावित आरक्षण और चुनावी समीकरणों पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं।

    प्रशासनिक घोषणा पर टिकी निगाहें

    फिलहाल सभी की निगाहें प्रशासनिक स्तर पर होने वाली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं। आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद ही पंचायत चुनाव की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी। माना जा रहा है कि इस बार आरक्षण में संभावित बदलाव कई पंचायतों की राजनीतिक दिशा बदल सकता है।