दरभंगा में प्लास्टिक की बोरी में रखे प्रतिबंधित मांस को छोड़ भागे दो युवक, लोगों ने किया सड़क जाम
दरभंगा के सिंहवाड़ा में बाइक पर मांस ले जा रहे दो युवकों को ग्रामीणों ने रोका, जिसके बाद वे मांस और बाइक छोड़कर फरार हो गए। बाद में एक युवक साइकिल से म ...और पढ़ें
HighLights
युवक मांस और बाइक छोड़कर फरार, ग्रामीणों ने रोका।
प्रतिबंधित मांस की आशंका पर ग्रामीणों ने सड़क जाम की।
पुलिस मामले की जांच कर रही, एफआईआर दर्ज होगी।
संवाद सहयोगी, सिंहवाड़ा (दरभंगा)। सिंहवाड़ा थाना के कलिगांव दादा चौक पर मंगलवार की सुबह बाइक पर प्लास्टिक की बोरी में ले जा रहे मांस से रक्त टपकते देख ग्रामीणों ने रोका तो उस पर सवार दो युवक मांस एवं बाइक छोड़कर फरार हो गए।
कुछ देर बाद एक युवक साइकिल से पहुंचा और मांस रखी बोरी को साइकिल पर लादकर ले जाने लगा। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए साइकिल एवं मांस छोड़कर फरार हो गया। इसकी सूचना मिलते ही अन्य लोग आक्रोशित हो गए।
दोनों युवकों के खिलाफ प्रतिबंधित मांस की तस्करी करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग को लेकर बांस बल्ले से मुख्य पथ को जाम कर दिया। इससे दो पक्षों के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
आक्रोशित लोगों को शांत कराने में प्रशासनिक पदाधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। एक पक्ष का आरोप था कि धार्मिक स्थल के रास्ते एक वर्ग विशेष द्वारा जान बूझकर प्रतिबंधित मांस की तस्करी की जा रही है।
लगातार नजर रखने के बाद ग्रामीणों ने मंगलवार की सुबह करौनी से कलिगांव के रास्ते कल्याणपुर टोला की ओर बाइक पर प्लास्टिक बोरे से रक्त टपकते देख प्रतिबंधित मांस की आशंका पर बाइक सवार को रोका गया।
सूचना पर पहुंचे एसडीपीओ एसके सुमन एवं थानाध्यक्ष बसंत कुमार ने पहुंचकर छानबीन की। एसडीपीओ ने बताया कि सुबह करीब सात बजे ग्रामीणों ने लाल रंग की बाइक पर मांस से टपकते खून को देखकर संदेह होने पर चालक को रोका।
वह बाइक छोड़कर भाग गया। आरोपी युवक कुछ देर बाद पुनः साइकिल लेकर वापस लौटा। मांस की बोरी को साइकिल पर लादकर भागने लगा। लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद वह साइकिल एवं मांस छोड़कर भाग गया।
घटना की जानकारी मिलते ही सदर टू कमतौल एसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन, बीडीओ विक्रम भास्कर, थानाध्यक्ष बसंत कुमार, दारोगा दिलीप कुमार, डायल 112 के अधिकारी दिनेश शर्मा सहित पशु चिकित्सक की टीम मौके पर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी।
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ग्रामीणों का आरोप है कि मांस गांव के धार्मिक स्थल के रास्ते ले जाना दूसरे की आस्था को आहत पहुंचाना है। आक्रोशित ग्रामीणों ने नारेबाजी भी की। प्रखंड पशुचिकित्सा पदाधिकारी निलंबर प्रसाद ने बताया कि मांस किस जानवर का यह स्पष्ट नहीं है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद पुष्टि हो पाएगी। एसडीपीओ ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह किसी मवेशी का मांस लग रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने पुलिस को आवेदन दिया है। इसके आलोक में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।