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    दरभंगा में पेंशन की राह में प्रमाण पत्र का रोड़ा, दिव्यांगों की जिंदगी बदहाल

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 04:23 PM (IST)

    दरभंगा के तारडीह प्रखंड में दिव्यांगता प्रमाण पत्र न बन पाने के कारण सैकड़ों दिव्यांगजन पेंशन और सरकारी योजनाओं से वंचित हैं। प्रमाण पत्र बनवाने के लि ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    HighLights

    1. तारडीह में दिव्यांगता प्रमाण पत्र न बनने से परेशानी।

    2. पेंशन व सरकारी योजनाओं से वंचित हैं सैकड़ों दिव्यांग।

    3. प्रखंड स्तर पर विशेष शिविर लगाने की मांग।

    संवाद सहयोगी, तारडीह (दरभंगा)। सरकार दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने का दावा कर रही है, लेकिन तारडीह प्रखंड में हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं बनने के कारण प्रखंड के दर्जनों दिव्यांगजन आज भी दिव्यांग पेंशन से वंचित हैं।

    प्रमाण पत्र बनवाने के लिए गरीब परिवारों को बार-बार जिला मुख्यालय स्थित सिविल सर्जन कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है, लेकिन लंबी दौड़ और भारी खर्च के बाद भी कई लोगों का काम नहीं हो पा रहा है।

    दिव्यांगजनों के स्वजन का कहना है कि कई परिवारों को यह भी जानकारी नहीं है कि जिला में प्रमाण पत्र कहां और किस प्रक्रिया से बनता है। जो लोग किसी तरह निजी वाहन किराये पर लेकर जिला पहुंचते हैं, उन्हें एक दिन में दो से तीन हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं।

    कई मामलों में पूरा दिन इंतजार करने के बाद भी बिना काम कराए लौटना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह बोझ किसी बड़ी परेशानी से कम नहीं है।

    बैका पंचायत की मुखिया शायदा परवीन और कुर्सो मछैता पंचायत की मुखिया शांति देवी ने बताया कि प्रत्येक पंचायत में कम से कम पांच से छह ऐसे गरीब परिवार हैं, जिनके घर में दिव्यांग सदस्य हैं।

    आर्थिक तंगी के कारण उन्हें जिला मुख्यालय ले जाना बेहद मुश्किल है। दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं बनने से ये लोग न सिर्फ दिव्यांग पेंशन, बल्कि अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित रह जा रहे हैं।

    मछैता रहिटोल के मो. कयूम कहते हैं कि उनकी पुत्री दिव्यांग है। दो बार जिला मुख्यालय का चक्कर लगाए लेकिन अब तक प्रमाण पत्र का कहीं कोई अता-पता नहीं, एक बार में कहीं काम नहीं होता है। दिव्यांगजनों को जिला मुख्यालय ले जाना और ले आना काफी मशक्कत का काम है।

    जनप्रतिनिधियों का कहना है कि दिव्यांगजनों के स्वजन उन लोगों को आकर कहते हैं लेकिन प्रमाण पत्र बनाने को लेकर प्रखंड में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। प्रशासन से मांग है कि दिव्यांगजनों की परेशानी को देखते हुए प्रखंड मुख्यालय में विशेष मेडिकल शिविर आयोजित कर मौके पर ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने की व्यवस्था की जाए।

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    उनका कहना है कि यदि यह सुविधा प्रखंड स्तर पर उपलब्ध करा दी जाए तो सैकड़ों दिव्यांगजनों को राहत मिलेगी और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।

    प्रखंड स्तर पर दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए शिविर लगाने की कोई व्यवस्था नहीं है। जिला मुख्यालय के शिविर में यदि किसी को परेशानी हो रही है तो अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
    --डा. अरुण कुमार, सिविल सर्जन, दरभंगा।