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    दरभंगा में किसान सम्मान निधि पर भी संकट, लगान रसीद की त्रुटियों में फंसी फार्मर आईडी 

    Updated: Mon, 06 Jul 2026 03:32 PM (IST)

    दरभंगा के जाले प्रखंड में लगान रसीद में तकनीकी त्रुटियों के कारण किसानों की फार्मर आईडी बनाने में दिक्कत आ रही है, जिससे किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओ ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    HighLights

    1. लगान रसीद की त्रुटियों से फार्मर आईडी निर्माण बाधित।

    2. किसान सम्मान निधि सहित कृषि योजनाओं पर पड़ रहा असर।

    3. किसानों ने भूमि अभिलेखों में शीघ्र सुधार की मांग की।

    संवाद सहयोगी, जाले (दरभंगा) । बिहार में दरभंगा जिले के जाले प्रखंड क्षेत्र में फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया लगान रसीद में तकनीकी त्रुटियों के कारण प्रभावित हो रही है। इसका असर किसान सम्मान निधि समेत कृषि विभाग की अन्य योजनाओं पर भी पड़ने वाला है। किसान, कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार सभी इस समस्या से परेशान हैं। पंचायतों में किसानों का पंजीकरण अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा है।

    कुछ ही किसानों का ही बन सका फार्मर आईडी

    नगर परिषद क्षेत्र के किसान सलाहकार अवधेश ठाकुर ने बताया कि पंचायत में अब तक करीब 400 किसानों का ही फार्मर आईडी बन पाया है। उनके अनुसार केवल उन्हीं किसानों का पंजीकरण हो रहा है, जिनकी लगान रसीद उनके अपने नाम से है और उसमें खाता, खेसरा तथा रकवा की पूरी जानकारी दर्ज है।

    पुराने अभिलेख बने बड़ी परेशानी

    उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं जिनकी जमीन अब भी पूर्वजों के नाम दर्ज है। वहीं कई किसानों की जमीन उनके नाम पर होने के बावजूद लगान रसीद में खाता, खेसरा या रकवा का विवरण उपलब्ध नहीं है। इसी कारण उनका फार्मर आईडी नहीं बन पा रहा है। यह समस्या केवल जाले नगर परिषद तक सीमित नहीं, बल्कि प्रखंड की अधिकांश पंचायतों में बनी हुई है।

    नई खरीद की जमीन वालों को मिल रही राहत

    किसान सलाहकार के अनुसार, जिन किसानों ने हाल के वर्षों में जमीन खरीदी है, उनके अभिलेख अद्यतन होने के कारण उनका फार्मर आईडी आसानी से बन रहा है। इसके विपरीत पुराने रैयतों की जमीन के रिकॉर्ड में त्रुटियां होने से उनका पंजीकरण लंबित है।

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    किसानों ने अभिलेख सुधार की उठाई मांग

    किसानों का आरोप है कि अंचल कार्यालय के पुराने अभिलेखों में गड़बड़ी और कर्मियों की लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इसका खामियाजा किसानों के साथ-साथ किसान सलाहकारों को भी भुगतना पड़ रहा है।

    जोगियारा के किसान युगल किशोर तथा भोला सिंह सहित अन्य किसानों ने संबंधित अधिकारियों से भूमि अभिलेखों में शीघ्र सुधार कर फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया को सुचारु करने की मांग की है।

    किसानों का कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसान सम्मान निधि सहित कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई होगी।