दरभंगा में बाढ़ की मार झेलने वाले किसानों को झटका, कृषि इनपुट सहायता से भी वंचित
कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के बाढ़ प्रभावित किसानों को कृषि इनपुट सहायता राशि नहीं मिली है। कृषि विभाग की रिपोर्ट में ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
कुशेश्वरस्थान पूर्वी के किसानों को सहायता नहीं मिली।
कृषि विभाग ने 30% से कम फसल क्षति बताई।
किसान दोबारा जांच और सहायता की मांग कर रहे हैं।
संवाद सहयोगी, कुशेश्वरस्थान (दरभंगा) । बाढ़ प्रभावित कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के कमला-बलान नदी के पश्चिमी तटबंध से पूरब बसे चार पंचायतों के किसान इस वर्ष कृषि इनपुट की सहायता राशि से वंचित रह गए हैं।
30 प्रतिशत से कम फसल क्षति होने की रिपोर्ट
कृषि विभाग की ओर से कराई गई जांच में इन पंचायतों में 30 प्रतिशत से कम फसल क्षति होने की रिपोर्ट दी गई है। विभाग के इस निर्णय से किसानों में आक्रोश है।
किसानों का कहना है कि सितंबर में आई बाढ़ से खेतों में लगी फसल कई दिनों तक पानी में डूबी रही, जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है। इसके बावजूद फसल क्षति नहीं होने की रिपोर्ट देना समझ से परे है।
किसानों की डूब गई थी फसल
जानकारी के अनुसार, सितंबर माह में नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के बाद वीरपुर बराज से कोसी नदी में पानी छोड़े जाने से कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के कमला-बलान नदी के पश्चिमी तटबंध से पूरब बसे इटहर, उसरी, उजुआ सिमरटोका और तिलकेश्वर पंचायत बाढ़ की चपेट में आ गए थे।
बाढ़ का पानी खेतों में फैल जाने से किसानों की फसल डूब गई थी। किसानों को उम्मीद थी कि फसल क्षति के आधार पर उन्हें सरकार की ओर से कृषि इनपुट सहायता राशि मिलेगी।
किसानों का कहना है कि हर साल बाढ़ से फसल को नुकसान होता है और नियमानुसार सहायता भी मिलती है। इस वर्ष भी खेतों में लगी फसल बाढ़ के पानी में डूबने के बावजूद उन्हें सहायता से वंचित कर दिया गया है।
उजुआ के किसान गणेश राय, छोटकी कोनिया के रमाकांत मुखिया, हरिनाही के शिवजी राय,इटहर के मिथिलेश राय, तिलकेश्वर के दिलीप कुमार मुखिया सहित कई किसानों ने बताया कि बाढ़ से फसल को काफी नुकसान हुआ है। किसानों ने विभाग से दोबारा स्थल जांच कराकर कृषि इनपुट की सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।
कृषि इनपुट सहायता के लिए कम से कम 30 प्रतिशत फसल क्षति होना आवश्यक है। प्रखंड एवं जिला स्तर की टीम द्वारा कराई गई जांच में इस वर्ष बाढ़ से 30 प्रतिशत फसल क्षति नहीं पाई गई है। इसी कारण प्रखंड को कृषि इनपुट सहायता के लिए चयनित नहीं किया गया है। फसल की क्राप कटिंग में उपज कम पाए जाने पर किसानों को को-आपरेटिव के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
स्नेहिल कुमार वत्स, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कुशेश्वरस्थान पूर्वी।
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