'भंडार में तेल-घी न हो तो सब्जी कैसे बनेगी?' दरभंगा में सहायक रसोइया इंटरव्यू में पूछे गए अनूठे सवाल
Bihar Cook Interview Questions: दरभंगा में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में सहायक रसोइया पद के लिए हुए इंटरव्यू में उम्मीदवारों से बिना तेल ...और पढ़ें

कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में सहायक रसोइया पद के लिए इंटरव्यू आयोजित । फोटो: जागरण व सब्जी फाइल फोटो

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संवाद सहयोगी, दरभंगा। Darbhanga Kasturba School: "मसाले और घी-तेल की प्रचुरता हो तो कोई भी खाना लाजवाब बना सकता है। असली पाक कला तो वह है, जहां बुनियादी संसाधनों की कमी में भी उंगलियां चाटने पर मजबूर कर देने वाला स्वाद पैदा हो जाए!"
कुछ इसी फलसफे और ठेठ देसी मिजाज के इर्द-गिर्द घूमा दरभंगा के करमगंज स्थित शिक्षा भवन का माहौल। मौका था कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में सहायक रसोइया के पद के लिए आयोजित इंटरव्यू का।
अमूमन इंटरव्यू के नाम से ही उम्मीदवारों के माथे पर पसीना आ जाता है, लेकिन गुरुवार को यहां का नजारा बिल्कुल जुदा था। इंटरव्यू टेबल पर बैठे अधिकारियों ने जब गृहणियों से उनके हुनर को परखने के लिए रसोई के 'सिक्रेट' पूछने शुरू किए, तो गंभीर माहौल में भी बार-बार ठहाके गूंज उठे।

'बिना तेल-घी के कैसे पकेगी सब्जी?'
इंटरव्यू पैनल में जेंडर समन्वयक आशा कुमारी, विभिन्न कस्तूरबा स्कूलों की वार्डन और माध्यमिक एवं साक्षरता के डीपीओ नीतेश कुमार मुस्तैद थे।
इसी दौरान इंटरव्यू देने आईं राधा कुमारी से एक बेहद दिलचस्प और व्यावहारिक सवाल पूछा गया— "मान लीजिए कि स्कूल के भंडार में न सरसों का तेल है, न घी और न ही रिफाइंड। ऐसी स्थिति में बच्चों के लिए स्वादिष्ट भोजन और रसदार सब्जी कैसे तैयार करोगी?"
राधा कुमारी ने भी बिना हिचकिचाए बड़ी सहजता और आत्मविश्वास से जवाब दिया— "सर, बिल्कुल बन जाएगा। बस इसके लिए सब्जी को थोड़ा ज्यादा फ्राई करना पड़ेगा, ताकि उसका हरापन और कच्चापन पूरी तरह समाप्त हो जाए।" उनके इस हाजिरजवाब और सधे हुए उत्तर ने अधिकारियों का दिल जीत लिया।
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सुबह से ही उमड़ी महिलाओं की भीड़
सहायक रसोइया के इस पद को लेकर महिलाओं में भारी उत्साह देखा गया। सुबह से ही शिक्षा भवन के बाहर आवेदिकाओं और उनके अभिभावकों का हुजूम जुटा हुआ था।
कानून व्यवस्था और सुचारु संचालन के लिए प्रशासन की ओर से दंडाधिकारी और सशस्त्र बल भी मुस्तैद रहे। सुबह से शुरू हुआ इंटरव्यू का यह दौर शाम छह बजे तक चला, जिसमें कुल 58 महिलाओं ने अपनी पाक कला के व्यावहारिक ज्ञान का परिचय दिया।
क्या मुमकिन है बिना तेल-घी की सब्जी?
इंटरव्यू में उठा यह सवाल आज के समय में बेहद प्रासंगिक है। आजकल स्वास्थ्य कारणों, बढ़ते कोलेस्ट्रॉल और वजन को नियंत्रित करने के लिए दुनिया भर में 'जीरो-ऑयल कुकिंग' (Zero-Oil Cooking) का चलन तेजी से बढ़ रहा है। बिना तेल, घी या रिफाइंड के भी इन 4 बेहतरीन तकनीकों से बेहद स्वादिष्ट और सेहतमंद सब्जी बनाई जा सकती है:
1. 'वॉटर सॉते' (Water Sautéing) तकनीक
यह बिना तेल के मसाला भूनने का सबसे जादुई तरीका है। भारी तले या नॉन-स्टिक कढ़ाई को गर्म करके सबसे पहले जीरा, राई और हींग को सूखा ही भून (Dry Roast) लें। इसके बाद प्याज या टमाटर का पेस्ट डालें।
जब यह कढ़ाई में चिपकने लगे, तो इसमें 1 से 2 चम्मच पानी की छींटें मारें। पानी की भाप प्याज को अच्छी तरह पका देगी और उसका प्राकृतिक मीठापन (कैरामलाइज़ेशन) बाहर आ जाएगा। इसके बाद सूखे मसाले डालकर थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए भून लें।
2. सब्जियों के प्राकृतिक पानी का जादू
लौकी, तोरई (नेनुआ), कद्दू, टमाटर और पत्तागोभी जैसी हरी सब्जियों में अपना खुद का प्रचुर पानी होता है। इन्हें पकाने के लिए किसी अतिरिक्त चिकनाई की आवश्यकता नहीं होती।
इन्हें सीधे मसालों के साथ धीमी आंच पर ढककर रख देने से ये अपने ही मॉइस्चर (नमी) में उबलकर और पककर शानदार ग्रेवी तैयार कर देती हैं।
3. स्टीमिंग और बॉयलिंग
आलू, गोभी, गाजर और मटर जैसी सख्त सब्जियों को सीधे पकाने के बजाय पहले हल्का सा भाप (Steam) में पका लें या उबाल लें। इसके बाद इन्हें बिना तेल के तैयार की गई टमाटर-प्याज की ग्रेवी में मिलाकर कुछ देर पकाएं।
स्वाद बढ़ाने का सीक्रेट नुस्खा
बिना तेल की सब्जी का स्वाद दोगुना करने के लिए ग्रेवी में कम वसा वाले फेंटे हुए दही (Low-fat Curd) या उबले हुए तरबूज के बीज/काजू के पेस्ट का इस्तेमाल करें।
मसालों को हमेशा सूखा भूनकर पीसें और सब्जी में हरी मिर्च, अदरक और हरी धनिया की मात्रा थोड़ी बढ़ा दें, इससे तेल की कमी बिल्कुल महसूस नहीं होगी।
अब होगा मुख्य रसोइया का चयन
सहायक रसोइया का इंटरव्यू सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद, शुक्रवार सुबह 10 बजे से मुख्य रसोइया पद के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू होगी। इस इंटरव्यू में स्वयं जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) भी उपस्थित रहेंगे।
विभाग की ओर से कर्मियों की तैनाती पहले ही की जा चुकी है। बता दें कि इससे पहले 10 से 13 जून के बीच एलआर गर्ल्स स्कूल में सभी अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया गया था।