मस्ती में भटके कदम, घर से स्कूल निकले बच्चे पहुंचे दरभंगा रेलवे जंक्शन
स्कूल जाने के लिए घर से निकले दो नाबालिग दोस्त मस्ती करते हुए दरभंगा रेलवे जंक्शन पहुंच गए। रेल पुलिस ने उन्हें चाइल्ड लाइन सिमरी को सौंपा, जिसके बाद ...और पढ़ें

दरभंगा में दो बच्चे भटकर रेलवे स्टेशन पहुंच गए।
HighLights
दो नाबालिग दोस्त स्कूल जाने के बजाय दरभंगा जंक्शन पहुंचे।
रेल पुलिस ने बच्चों को चाइल्ड लाइन सिमरी के हवाले किया।
परिजनों ने बच्चों को वापस लेने जुवेनाइल कोर्ट का रुख किया।
संवाद सहयोगी, कमतौल (दरभंगा) । मस्ती-मजाक में कभी-कभी बच्चे रास्ता ही बदल देते हैं। ऐसा ही हुआ इन बच्चों के साथ-घर से तो स्कूल के लिए निकले थे, लेकिन खेलते-हंसते पहुंच गए दरभंगा रेलवे जंक्शन। स्कूल की पढ़ाई की जगह उन्होंने स्टेशन का नजारा देख लिया। बचपन की यही मासूमियत होती है, जहां हर दिन एक नई कहानी बन जाती है।
बता दें कि स्कूल जाने के लिए अपने घर से निकले दो नाबालिग दोस्त सोमवार की रात दरभंगा रेल स्टेशन पहुंच गए। दोनों को इधर उधर घूमते देख रेल पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर चाइल्ड लाइन सिमरी के हवाले किया।
सूचना मिलने के बाद स्वजन अपने बच्चों को लेने के लिए जुबेनाइल कोर्ट गए हैं। कमतौल थाना क्षेत्र के कर्जा पट्टी गांव निवासी अब्दुल कलाम ने बताया कि सोमवार की सुबह करीब सात बजे उनका पुत्र अब्दुल अर्श (12) एवं पड़ोसी जियाउर रहमान का पुत्र मो. इमामुद्दीन (12) स्कूल के लिए घर से निकले।
दोनों स्कूल जाने की जगह इधर उधर मस्ती करते हुए सोमवार की रात करीब नौ बजे दरभंगा रेल जंक्शन के प्लेटफार्म पर पहुंचकर इधर उधर घूम रहे थे। रेल पुलिस की नजर दोनों पर पड़ी एवं पूछताछ में दोनों बच्चों ने अपने बारे में जानकारी दी।
खबरें और भी
चूंकि दोनों बच्चे नाबालिग थे इसलिए दोनों बच्चों को चाइल्ड लाइन सिमरी के हवाले कर दिया। इधर सुबह स्कूल के लिए निकले दोनों बच्चे घर नहीं पहुंचे तो स्वजन नाते रिश्तेदार के साथ साथ इधर उधर खोज में लगे हुए थे।
सोमवार की देर रात अब्दुल अर्श से मिले मोबाइल नंबर से चाइल्ड लाइन सिमरी का फोन अब्दुल कलाम के पास आया। बताया गया कि दो बच्चा रेल पुलिस के जरिए आया है।
बातचीत होने के बाद स्वजन रात में ही बच्चे को लाने सिमरी जाने लगे तो चाइल्ड लाइन ने न्यायालय के आदेश के साथ उपस्थित होने को कहा। दोनों के पिता मंगलवार को दरभंगा जुबेनाइल कोर्ट की शरण में पहुंचे। दोनों बच्चे एक दूसरे के पड़ोसी एवं दोस्त हैं।