दरभंगा में जमीन देने वालों के लिए राहत, अब तेजी से मिलेगा मुआवजा और एलपीसी
दरभंगा में भू-अर्जन के कारण जमीन देने वाले रैयतों को अब मुआवजे और एलपीसी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना ...और पढ़ें

दरभंगा में बैठक की समीक्षा करते डीएम व अन्य।
HighLights
रैयतों को मुआवजे के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
जमीन दस्तावेजों और एलपीसी के लिए विशेष कैंप लगेंगे।
मौके पर ही समस्याओं का समाधान, भुगतान प्रक्रिया तेज होगी।
जागरण संवाददाता, दरभंगा। भू-अर्जन के कारण जमीन देने वाले रैयतों को अब मुआवजे के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जमीन से जुड़े दस्तावेजों और एलपीसी (भूमि स्वामित्व प्रमाण-पत्र) के लिए भी उन्हें अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
जिला प्रशासन संबंधित मौजा में विशेष कैंप लगाकर रैयतों की समस्याओं का मौके पर समाधान करेगा और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को तेज करेगा।
मौजा में लगेंगे विशेष कैंप
जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में जिले की विभिन्न भू-अर्जन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रैयतों को मुआवजा भुगतान में किसी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए संबंधित क्षेत्रों में विशेष कैंप आयोजित किए जाएं। कैंप में रैयत अपने दस्तावेजों से संबंधित समस्याओं का समाधान करा सकेंगे।
एलपीसी के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर
डीएम ने सभी संबंधित अंचलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के संबंधित मौजा में जाकर कैंप लगाने का निर्देश दिया। कैंप के दौरान रैयतों को एलपीसी प्रमाण-पत्र निर्गत करने की कार्रवाई भी की जाएगी। इससे भू-अर्जन की प्रक्रिया में जरूरी दस्तावेज तैयार कराने में रैयतों को सहूलियत मिलेगी और मुआवजा भुगतान में होने वाली देरी कम होगी।
मौके पर ही दस्तावेजों की परेशानी होगी दूर
प्रशासन की ओर से कैंप में रैयतों की समस्याओं और दस्तावेजों से जुड़े मामलों का यथासंभव मौके पर ही समाधान किया जाएगा। इससे अलग-अलग कार्यालयों में जाने और प्रक्रिया पूरी करने में लगने वाला समय कम होगा। डीएम ने अधिकारियों को भू-अर्जन से जुड़े सभी मामलों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत तेजी से निष्पादन करने को कहा।
शोभन-एकमी बाईपास और लाजिस्टिक पार्क पर जोर
बैठक में औद्योगिक क्षेत्र के विकास से जुड़ी शोभन-एकमी बाईपास और लाजिस्टिक पार्क परियोजनाओं के लिए चल रहे भू-अर्जन कार्य की भी समीक्षा की गई। डीएम ने इन परियोजनाओं से संबंधित रैयतों को मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि भू-अर्जन कार्य में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए, ताकि परियोजनाओं का क्रियान्वयन समय पर आगे बढ़ सके। बैठक में अपर समाहर्ता (राजस्व), जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, संबंधित अनुमंडल के भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचलाधिकारी उपस्थित थे।
