Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    दरभंगा में जर्जर पुल पर रोज गुजरती जिंदगी, कब टूट जाए... किसी को नहीं पता

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 05:38 PM (IST)

    दरभंगा के तारडीह में 32 साल पुराना स्क्रू पाइल पुल जर्जर हालत में है, जिससे हर दिन हादसे का डर बना रहता है। स्थानीय लोग इसके तत्काल मरम्मत या पुनर्निर ...और पढ़ें

    तारडीह प्रखंड मुख्यालय स्थित आरसीडी सड़क पर पुल  जर्जर। जागरण

    तारडीह प्रखंड मुख्यालय स्थित आरसीडी सड़क पर पुल जर्जर। जागरण 

    HighLights

    1. तारडीह का 32 साल पुराना पुल जर्जर हालत में।

    2. पुल पर जंग, दरारें, कभी भी गिरने का खतरा।

    3. स्थानीय लोग तत्काल पुनर्निर्माण की कर रहे हैं मांग।

    संवाद सहयोगी, तारडीह (दरभंगा)। प्रखंड मुख्यालय से अलीनगर और चार पंचायतों को जोड़ने वाला करीब 32 वर्ष पुराना स्क्रू पाइल पुल अब खुद अपनी बदहाली की कहानी कह रहा है।

    लोहे की संरचना में जंग, किनारों पर दरारें और कमजोर हो चुके हिस्से इस पुल से गुजरने वाले लोगों को हर दिन खतरे का एहसास करा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते पुल की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं हुआ तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

    1994 में हुआ था निर्माण

    मृत कमला नदी पर वर्ष 1994 में ग्रामीण कार्य विभाग ने करीब 10 लाख रुपये की लागत से इस पुल का निर्माण कराया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, तत्कालीन मंत्री डा. महावीर प्रसाद ने पुल का उद्घाटन किया था। निर्माण के बाद से यह पुल आसपास के लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण साधन बना हुआ है।

    चार पंचायतों की लाइफलाइन

    यह पुल कठरा-अलीनगर के कुमरौल, कैथवार, मोहनपुर होते हुए ककोढ़ा तक जाने वाली मुख्य सड़क पर स्थित है। इसी मार्ग से प्रखंड मुख्यालय का जिला मुख्यालय से भी सीधा संपर्क बना रहता है। चार पंचायतों के लोगों के लिए यह पुल रोजमर्रा के आवागमन की प्रमुख कड़ी है।

    जंग लगी संरचना, बढ़ता खतरा

    पुल की लोहे की संरचना पर जगह-जगह जंग लग चुकी है। किनारों पर दरारें दिखाई देने लगी हैं, जबकि नीचे लगे लोहे के हिस्से भी कमजोर हो रहे हैं। राज्य में हाल में हुए पुल हादसे के बाद भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए विभाग ने दोनों छोर पर लोहे के एंगल लगा दिए हैं।

    खबरें और भी

    रोक के बावजूद जारी आवागमन

    भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के बावजूद ट्रैक्टर, छोटे चारपहिया वाहन, बाइक, साइकिल और पैदल लोग लगातार पुल से गुजर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की जर्जर स्थिति के कारण हर बार पुल पार करते समय हादसे का डर बना रहता है।

    पुल टूटा तो 15 किमी बढ़ जाएगी दूरी

    स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि पुल ध्वस्त हुआ तो चार पंचायतों का प्रखंड मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट जाएगा। लोगों को 10 से 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। भारी वाहनों को अभी भी पुल की स्थिति के कारण घूमकर जाना पड़ता है।

    पुनर्निर्माण की मांग

    बैका के पूर्व मुखिया उपेंद्र यादव, कैथवार निवासी विनीत यादव, हार्डवेयर व्यवसायी अनिल यादव, संजीत यादव, केशव यादव, रंजन यादव और ठक्कण राम समेत अन्य लोगों ने पुल के शीघ्र पुनर्निर्माण की मांग की है।

    विभाग में नहीं आया प्रस्ताव

    पुल निर्माण निगम के सहायक अभियंता कुंदन कुमार ने बताया कि पुल के निर्माण को लेकर अभी विभाग में कोई प्रस्ताव नहीं आया है। यदि सड़क आरसीडी की है तो पुल का निर्माण भी संबंधित विभाग द्वारा ही कराया जाएगा।