Darbhanga News : मालखाना में जगह नहीं, खुले आसमान में सड़ रहे जब्त वाहन बने कबाड़
दरभंगा के कुशेश्वरस्थान थाने में जब्त वाहनों को रखने के लिए मालखाना का अभाव है, जिससे वे खुले आसमान के नीचे पड़े-पड़े जंग खाकर बर्बाद हो रहे हैं। थाना ...और पढ़ें

खुले में रखा जब्त वाहन हो रहे बेकार। जागरण
संवाद सहयोगी, कुशेश्वरस्थान (दरभंगा)। दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना के मालखाना में रखे रुपये भले ही सुरक्षित हों, लेकिन यहां जब्त वाहनों को जंग खा रहा है। जी हां थाने में मालखाना के लिए सुरक्षित स्थान के अभाव में पुलिस के जब्त वाहन और अन्य सामान खुले आसमान के नीचे पड़े-पड़े बर्बाद हो रहे हैं।
मालूम हो कि कुशेश्वरस्थान थाना में मालखाना के लिए उपयुक्त जगह और आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। यही कारण है कि पुलिस द्वारा जब्त किए गए वाहन और बड़े सामान खुले स्थानों में रखा जाता है।
खुले वातावरण में पड़े इन वाहनों को धूप और बारिश लगातार नुकसान पहुंचा रही है तथा धीरे-धीरे जंग खाकर वह बेकार होते जा रहे हैं।
ज्ञात हो कि कुशेश्वरस्थान थाना अपने स्थापना काल से ही एक छोटे से धर्मशाला के दो कमरों में संचालित हो रहा है। एक छोटे कमरे में थानाध्यक्ष का कार्यालय चलता है। जबकि दूसरे हालनुमा कमरे में मुंशी और अन्य पुलिस पदाधिकारी किसी तरह बैठकर कार्य निष्पादन करते हैं।
इसी कमरे में थाना के सभी फाइलें भी किसी तरह सहेजकर रखी जाती हैं। धर्मशाला के बरामदे के एक कोने को घेरकर एक छोटा कमरा बनाया गया है। जिसे मालखाना के रूप में उपयोग किया जा रहा है।
इसमें केवल छोटे और कीमती सामान को ही सुरक्षित रखा जाता है। बड़े सामान और जब्त वाहनों को रखने के लिए थाना परिसर में कोई सुरक्षित व्यवस्था नहीं है।
स्थिति यह है कि जब्त वाहन और अन्य सामान थाना परिसर के सामने शिव गंगा पोखर के दक्षिणी भिंड पर खुले में बिना किसी घेराबंदी के रखे गए हैं।
जगह की कमी के कारण कुछ सामान बुचौली डाक बंगला और सतीघाट प्रखंड कार्यालय परिसर में भी रखा गया है। खुले में पड़े ये वाहन न सिर्फ असुरक्षित हैं। बल्कि मौसम की मार झेलते हुए तेजी से खराब हो रहे हैं।
इस संबंध में थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद ने बताया कि मालखाना के लिए केवल एक छोटा कमरा उपलब्ध है। जिसमें छोटे और कीमती सामान रखे जाते हैं।
बड़े सामान और वाहनों को बाहर ही रखना पड़ता है। इनकी सुरक्षा रखने के लिए शेड का निर्माण और घेराबंदी के लिए विभागीय स्तर पर फंड उपलब्ध नहीं है।