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    दरभंगा में जयमाला से पहले दूसरी शादी की अफवाह, दूल्हा बना बंधक, सच्चाई सामने आने पर चौंके लोग

    By Sadare Alam Edited By: Dharmendra Singh
    Updated: Fri, 13 Mar 2026 05:30 PM (IST)

    दरभंगा के कलिगांव में एक अनोखी शादी हुई, जहां जयमाला से पहले दूल्हे को दूसरी शादी की अफवाह पर बंधक बना लिया गया। ग्रामीणों ने दूल्हे और उसके परिवार को ...और पढ़ें

    कार्यक्रम के दौरान बैठे स्थानीय लोग।

    कार्यक्रम के दौरान बैठे स्थानीय लोग।

    HighLights

    1. जयमाला से पहले दूल्हे को बंधक बनाया गया।

    2. दूसरी शादी की अफवाह के कारण हुआ हंगामा।

    3. सच्चाई सामने आने पर अगले दिन हुई शादी।

    संवाद सहयोगी, सिंहवाड़ा (दरभंगा) । सिंहवाड़ा थानाक्षेत्र के कलिगांव में एक अनोखी शादी होने का मामला सामने आया है। जयमाला से पहले दूल्हा और बाराती को बंधक बना लिया गया।

    इसके बाद अगले दिन फिर से मंडप सजा और शादी से इन्कार करने वाली दुल्हन अपने साजन के साथ ससुराल पहुंची। दरअसल, शादी समारोह के दौरान दूल्हे के दूसरी शादी की अफवाह फैलने से अफरा-तफरी मच गई।

    ग्रामीणों ने दूल्हे और उसके स्वजन को बंधक बना लिया। बाद में सच्चाई सामने आने पर अगले दिन उसी दूल्हे से लड़की की शादी कराई गई।

    बताया जाता है कि 11 मार्च की शाम माेरो गांव निवासी शिवमंगल राम के पुत्र सुरेंद्र कुमार बारात लेकर कलिगांव पहुंचे थे। दुल्हन पक्ष ने बारातियों का आदर-सत्कार किया और पंडाल में अल्पाहार कराया।

    जयमाला की तैयारी चल ही रही थी कि किसी ने लड़की पक्ष को यह सूचना दे दी कि दूल्हे की पहले से ही राजस्थान में शादी हो चुकी है। यह खबर मिलते ही समारोह में अफरा-तफरी मच गई।

    लड़की ने शादी से इन्कार कर दी। आक्रोशित ग्रामीणों ने दूल्हे, उसके पिता और कुछ रिश्तेदारों को बंधक बना लिया। इस दौरान कई बाराती मौके से निकलकर भाग गए। मामले को लेकर रात भर सामाजिक स्तर पर पंचायती चली।

    लड़की पक्ष ने शादी के खर्च और दिए गए उपहार वापस करने की मांग रखी। 12 मार्च की सुबह दूल्हे के पिता ने दुल्हन पक्ष द्वारा दिया गया सारा सामान और खर्च वापस कर दिया, जिसके बाद दूल्हे और उसके स्वजन को मुक्त कर दिया गया। दूल्हा बिना शादी के अपने घर लौट गया।

    बाद में लड़की पक्ष को जानकारी मिली कि चार पूर्व दूल्हा राजस्थान में एक कंपनी में काम करता था , जहां साथ में कोई लड़की काम करती थी। इसी को लेकर किसी ने दुश्मनी से गलत जानकारी शादी के दिन अफवाह के रूप में फैला दी।

    सच्चाई सामने आने पर कलिगांव के ग्रामीण और लड़की पक्ष के लोग मोरो गांव पहुंचे और दूल्हे व उसके पिता से बातचीत की।

    दोनों पक्षों की सहमति के बाद 12 मार्च की देर शाम फिर से बारात को बुलाया गया। दोबारा आदर-सत्कार के साथ शादी की रस्में पूरी कराई गईं। इसके बाद शुक्रवार सुबह गाजे-बाजे के साथ दूल्हा-दुल्हन की विदाई कर दी गई।