Eid 2026 : चांद दिखा-दिल खिला, दरभंगा में ईद से पहले इबादत और बाजारों की चहल-पहल
दरभंगा में ईद का चांद दिखने के बाद शनिवार को ईद उल फित्र मनाई जाएगी। अलविदा जुमा की नमाज में मस्जिदों में भारी भीड़ उमड़ी, जहां इमामों ने फितरा अदा कर ...और पढ़ें

दरभंगा शहर के बाकरगंज स्थित जामा मस्जिद के बाहर सड़क पर अलविदा का नमाज पढ़ते रोजेदार। जागरण
HighLights
दरभंगा में ईद का चांद दिखा, शनिवार को मनेगी ईद।
अलविदा जुमा पर मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़।
बाजारों में सेवई, लच्छे की धूम, खरीदारी जोरों पर।
संवाद सहयोगी, दरभंगा । गुरुवार की शाम रमजान के 30वें रोज के पूरा होते ही रोजेदारों को ईद के चांद का दीदार हो गया। अब ईद उल फित्र का त्योहार शनिवार को मनाया जाएगा।
इससे पहले दोपहर में रमजान उल मुबारक के अंतिम जुमा की नमाज पढ़ने मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। अलविदा के खुतबे में शहर की विभिन्न मस्जिदों में इमाम ने नमाजियों से कहा कि फितरा की रकम अगर अब तक दान नहीं किया है तो उसे निकाल दें।
ध्यान रखें कि अगर किसी परिवार में किसी शिशु का जन्म आज ही हुआ है तो उसका भी फितरा निकाला जाएगा। इसके बिना रोजा कबूल नहीं होगा।
किलाघाट शाही जामा मस्जिद के इमाम मौलाना वारिस अली ने कहा कि रमजान में जिस ढंग से झूठ से परहेज करते थे, बुरे काम से बचते थे, किसी का दिल नहीं दुखाते थे, किसी को धोका नहीं देते थे, ईद के बाद भी उसे अपने जीवन में निभाते रहें।
रमजान तो एक महीने का प्रशिक्षण था। इस प्रशिक्षण में जो लोग पास हुए, उन्हीं को इनाम देने का दिन है ईद। रहम खां की मस्जिद में इमाम मौलाना आफाक अहमद ने कहा कि आज जुमा और कल ईद है। यह भी अल्लाह का इनाम है। ईद खुद भी मनाएं और दूसरों को भी मनाने में मदद करें। सबको बराबरी का दर्जा दें।
बनारसी लच्छे की धूम
ईद आए और लजीज सेवैयों की तलाश न हो। इसके बिना तो ईद ही फीकी हो जाएगी। इसलिए पटना और बनारस के घी में बने लच्छे खरीदारों की पहली पसंद हैं।
सीएम साइंस कालेज तथा खलीलिया चौक पर देर रात तक लच्छे और सेवई की दुकानों पर भीड़ लगी हुई थी। दरभंगा टावर पर किराना सामग्री, सूखे मेवे के अलावा रेडिमेड कपड़ों की दुकानें देर रात तक खुली हुई थीं।
10 वर्षीय अयान ने रखे 30 रोजे
रहमगंज निवासी 10 वर्षीय अयान अहमद ने पूरे रमजान का 30 रोजा रखा। रोजा रखने के साथ-साथ इबादत में भी पूरे महीने लगा रहा। अयान अहमद पांचों वक्त नमाज अदा करता था।
तरावीह की नमाज भी अदा की। अयान अहमद के पिता अकील अहमद बताते हैं कि अयान अहमद नमाज में दुआ करता था कि मेरे पिता स्वस्थ रहें और डीएमसीएच में लोगों की स्वास्थ्य सेवा करते रहें और हम सभी हिंदू मुस्लिम भाई साथ मिलकर खुशी-खुशी अमन सुकून के साथ रहें, हम लोगों में आपसी मोहब्बत कायम रहे। उसने अलविदा जुमा की नमाज दरभंगा टावर चौक पर जामा मस्जिद में अदा की।