दरभंगा के बहादुरपुर और हनुमाननगर में बनेगा विशाल इंडस्ट्रियल हब, 33 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
दरभंगा के बहादुरपुर और हनुमाननगर में 385.45 एकड़ भूमि पर 3.76 अरब रुपये की लागत से एक औद्योगिक हब विकसित ...और पढ़ें

बनेगा विशाल इंडस्ट्रियल हब (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
दरभंगा में 385.45 एकड़ में औद्योगिक हब का निर्माण।
परियोजना से 32,900 लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
भूमि अधिग्रहण पर स्थानीय विरोध और मंत्री की चिंताएं।
विनय कुमार, दरभंगा। जिले के बहादुरपुर एवं हनुमाननगर प्रखंड में 385.45 एकड़ भूमि औद्योगिक परियोजना के लिए अधिग्रहित करने की मंजूरी दी गई। परियोजना पर कुल तीन अरब 76 करोड़, सात लाख 79 हजार 329 रुपये खर्च किए जाएंगे।
बहादुरपुर के तारालाही व मोतनाजय एवं हनुमाननगर के बिहारी मुकुंद एवं अम्माडीह मौजे में चयनित भूमि पर आधारभूत संरचना विकसित करने का कार्य बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण और आधारभूत संरचना निगम, पटना करेगा।
निर्माण के बाद बनेगा इंडस्ट्रियल हब
विभागीय अधिकारियों के अनुसार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इंडस्ट्रियल हब का निर्माण होगा। उद्योगों के लिए आधुनिक आधारभूत सुविधाएं जैसे सड़क, बिजली, पानी, गोदाम और कनेक्टिविटी की व्यवस्था की जाएगी। केंद्र सरकार की आरे से प्रति एकड़ एक करोड़ की दर से आधारभूत संरचना विकास के लिए सहायता दी जाएगी।
उद्यमियों को मिलेगी भूमि
इस औद्योगिक पार्क में प्लग एंड प्ले योजना के तहत उद्यमियों को जमीन और पहले से निर्मित शेड आवंटित किए जाएंगे, ताकि कंपनियां तुरंत अपना उत्पादन शुरू कर सकें। यहा निर्माण क्षेत्र और स्थानीय संसाधनों पर आधारित कंपनियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मिलेगा रोजगार
सरकार के अनुमानों के अनुसार दरभंगा के इन पार्कों के निर्माण से दरभंगा क्षेत्र में करीब 32,900 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। परियोजना पूरी होने के बाद निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
इस योजना के राजनीतिक मायने
उत्तर बिहार और विशेषकर मिथिलांचल में युवाओं का पलायन और बेरोजगारी हमेशा से एक बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है। इस औद्योगिक पार्क के जरिए एनडीए सरकार यह संदेश देना चाहती है कि वह स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित कर पलायन को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। दरभंगा को मिथिलांचल का केंद्र माना जाता है।
दरभंगा एम्स , दरभंगा एयरपोर्ट के बाद अब इस बड़े औद्योगिक पार्क को अमलीजामा पहनाकर सत्तारूढ़ दल आगामी विधानसभा व अन्य चुनावों में विकास के नाम पर वोट बैंक मजबूत करना चाहता है।
मंत्री ने भूमि चिन्हित करने पर जताया आश्चर्य
राज्य सरकार के मद्य निषेद्य व निबंधन विभाग के मंत्री मदन सहनी ने औद्योगिक परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि को लेकर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा है कि जिस मौजे को औद्योगिक पार्क के चिन्हित किया गया है। वहां बारिश व बाढ़ के समय दस से बीस फीट तक पानी जमा रहता है। यह चिन्हित भूमि औद्योगिक पार्क के लिए उपयुक्त नहीं है। यह सरकारी राशि की बर्बादी है।
परियोजना को स्थानीय स्तर पर मिल रही है चुनौती
राजनीतिक मोर्चे पर इस परियोजना को स्थानीय स्तर पर चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। हनुमान नगर क्षेत्र के कुछ गांवों के किसानों की ओर से भूमि अधिग्रहण का विरोध और धरने प्रदर्शन भी देखे गए हैं।
विपक्ष इस किसान असंतोष को भुनाने की कोशिश कर रहा है। जिससे भूमि का उचित मुआवजा और पुनर्वास स्थानीय राजनीति का एक संवेदनशील मुद्दा बन गया है। यह पार्क जहां एक तरफ दरभंगा के आर्थिक नक्शे को बदलेगा, वहीं दूसरी तरफ यह बिहार की राजनीति में विकास बनाम रोजगार और भूमि अधिग्रहण के मुद्दों की परीक्षा भी लेगा।
शिविर में कागजी प्रक्रिया की जा रही है पूरी
बहादुरपुर प्रखंड के तारालाही व मोतनाजय मौजे के रैयत किसानों के भूमि संबंधित कागजात सही करने के लिए शिनुआर गांव के पंचायत भवन पर नियमित शिविर लगाया जा रहा है। वहीं हनुमाननगर के बिहारी मुकुंद एवं अम्माडीह मौजे के रैयत किसानों के लिए थलवारा मंदिर परिसर में शिविर लगाया गया है। जहां किसान अपने भूमि के कागजात को सही करा रहें है।
औद्योगिक पार्क के लिए बहादुरपुर और हनुमाननगर प्रखंड के दो-दो मौजे की 385.45 एकड़ रैयती भूमि को अधिग्रहण किया जाना है। अब तक सात सौ किसानों को भूमि अधिग्रहण के बदले तय किए गए अंतिम मुआवजा के लिए चिन्हित किया गया है। किसानों को मुआवजा दिए जाने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। - रवि प्रकाश, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, दरभंगा।
यह भी पढ़ें- कश्मीर में उपजेगा मिथिला का मखाना, किसानों को ट्रेनिंग देने दरभंगा से जाएगी एक्सपर्ट की टीम
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।