बिहार में कंप्यूटर शिक्षकों के लिए बीएड की अनिवार्यता हो समाप्त, विधानसभा में गूंजे जनहित के मुद्दे
विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में कंप्यूटर शिक्षकों के लिए बीएड अनिवार्यता खत्म करने सहित कई जनहित के मुद्दे उठाए। ...और पढ़ें

सदन में बोलते विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा।
HighLights
कंप्यूटर शिक्षकों के लिए बीएड की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग।
धौंस नदी पर पुल निर्माण और केवटी में डिग्री कॉलेज की मांग।
बाढ़ शरणस्थली के जीर्णोद्धार का मुद्दा विधानसभा में उठाया।
संवाद सहयोगी, केवटी (दरभंगा)। कंप्यूटर शिक्षकों के लिए बीएड की अनिवार्यता खत्म करने की मांग से लेकर धौंस नदी पर पुल, केवटी में डिग्री कॉलेज और बाढ़ शरणस्थली की बदहाली तक, विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए।
उन्होंने विभिन्न संसदीय प्रक्रियाओं के माध्यम से सरकार से जवाब मांगा और क्षेत्र की लंबित समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की।
विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने विधानसभा के मानसून सत्र में सरकारी विद्यालयों में कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों के लिए बीएड की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि कंप्यूटर शिक्षा तकनीकी विषय है और इस क्षेत्र में दक्ष शिक्षकों को केवल बीएड की शर्त के कारण मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है। सरकार को इस नियम में संशोधन कर योग्य शिक्षकों को राहत देनी चाहिए।
मैथिली के लिए नए पद सृजित करने की मांग
विधायक ने राज्य के सभी प्रखंडों में संचालित डिग्री कॉलेजों में मातृभाषा मैथिली के विकास के लिए नए शिक्षकों के पद सृजित करने का मुद्दा भी सदन में रखा।
उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय भाषा और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा तथा विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा में उच्च शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा। यह कदम 'उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य' की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
धौंस नदी पर पुल निर्माण की उठाई आवाज
डॉ. झा ने केवटी प्रखंड की कोठिया पंचायत स्थित धौंस नदी पर पुल निर्माण की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि आजादी के दशकों बाद भी यहां पक्का पुल नहीं बन पाया है।
बरसात के दिनों में ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। उन्होंने सरकार से जल्द पुल निर्माण की स्वीकृति देने की मांग की।
केवटी को डिग्री कॉलेज से वंचित रखने पर सवाल
विधायक ने सरकार से पूछा कि प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोलने की योजना के पहले चरण में केवटी को क्यों शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है, जिससे समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी होती है।
खबरें और भी
बाढ़ शरणस्थली के जीर्णोद्धार की मांग
मुहम्मदपुर-मझिगामा स्थित बाढ़ शरणस्थली की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाते हुए विधायक ने इसके अविलंब जीर्णोद्धार की मांग की।
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद शरणस्थली की स्थिति बेहद खराब है। आपदा के समय लोगों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के लिए इसका शीघ्र पुनर्निर्माण और मरम्मत कराया जाना आवश्यक है।
विधायक ने कहा कि उन्होंने शून्यकाल, ध्यानाकर्षण, तारांकित प्रश्न और निवेदन के माध्यम से इन सभी जनहित के मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाया है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।