दरभंगा में रात 12 बजते ही गूंजे जयकारे, 108 किलो का केक काट मनाया कान्हा का जन्मोत्सव
दरभंगा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पूरा शहर 'जय कन्हैया लाल की' के जयकारों से गूंज उठा, जहां आधी रात को ...और पढ़ें
HighLights
आधी रात को 'जय कन्हैया लाल की' के जयकारों से गूंजा दरभंगा।
इस्कॉन मंदिर में भव्य अभिषेक, महाआरती, 108 किलो केक काटा गया।
मटकी फोड़ प्रतियोगिता सहित नंद उत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं।
जागरण संवाददाता, दरभंगा। भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर गुरुवार को भक्ति और आस्था का ऐसा अनुपम संगम देखने को मिला, जिससे पूरा दरभंगा शहर और ग्रामीण इलाका कन्हैया के रंग में रंग गया।
रात के ठीक 12 बजते ही शंखध्वनि, घंटों की टंकार और "जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी..." के गगनभेदी जयकारों से समूचा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। शहर के शुभंकरपुर स्थित इस्कान मंदिर में जन्मोत्सव की सबसे अधिक रौनक रही।
यहां भगवान के बाल रूप का भव्य अभिषेक और महाआरती की गई। भगवान श्री राधा कृष्ण और भाई बलराम के एक दर्शन पाने के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान राधे कृष्ण और बलराम को नए कपड़े पहना कर विशेष फूलों, मोर पंख और अलौकिक श्रृंगार से सजाया गया।
हरिनाम संकीर्तन की जाप और वैष्णव नृत्य के अलावा कई सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दूर दराज से आए भक्त हरिनाम संकीर्तन और वैष्णव नृत्य का खूब आनंदित होकर उत्साह और उमंग से किया।
रात्रि के 12 बजने पर 108 किलो का केक काट कर भगवान श्री कृष्ण का जन्मदिन मनाया गया। भगवान लड्डू गोपाल को फल आदि का 1008 व्यजनों से भोग कराया गया। प्रबंधक लक्ष्मण कृपा दास ने बताया कि इस महान आयोजन को सफल बनाने के लिए पिछले इक माह से जोरों पर तैयारी की जा रही थी।
शनिवार को नंद उत्सव कार्यक्रम रखे गए हैं। जिसमें मटकी फोड़ प्रतियोगिता भी होगी। इसके अलावा शहर के प्रमुख मोहल्लों और मुख्य केंद्रों में भक्ति की लहर साफ दिखाई दी।
शहर के पंडासराय, खाजासराय, सैदनगर, भठियारीसराय, शाहगंज, शकमापुल, राजकुमारगंज, गंगासागर, गुल्लोबाड़ा, मिर्जापुर, रहमगंज, कादिराबाद, लक्ष्मीसागर, नवटोलिया, बलभद्रपुर और नाका छह जैसे इलाकों में पूजा-पांडालों को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया था। कई मोहल्लों में युवाओं की टोली ने पारंपरिक 'मटका फोड़' प्रतियोगिता का आयोजन किया, जहां ढोल-नगाड़ों की थाप पर बाल-गोपालों ने ऊंचाई पर बंधे माखन के मटके को फोड़कर परंपरा का निर्वहन किया।

रातभर चलता रहा भजन-कीर्तन का दौर
भक्तों ने दिनभर उपवास रखकर भगवान श्रीकृष्ण के आगमन की प्रतीक्षा की। 12 बजते ही भगवान को पंजीरी, माखन-मिश्री और छप्पन भोग अर्पित कर महाप्रसाद का वितरण किया गया। महिलाओं ने सोहर और बधाई गीत गाकर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की खुशियां बांटीं।
आधी रात के बाद भी भक्ति गीतों और आतिशबाजी से माहौल उत्सवमय बना रहा। आयोजन के दौरान शहर की सड़कों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती मुस्तैद रही।
नाका छह और कादिराबाद जैसे व्यस्त चौराहों पर पुलिस प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम किए थे, जिससे श्रद्धालु बिना किसी बाधा के दर्शन और पूजन कर सके। बता दें कि जिला प्रशासन ने 332 स्थानों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की है।
जो विधि-व्यवस्था, शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए व्यापक प्रशासनिक एवं पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जन्माष्टमी पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़, पूजा स्थलों, जुलूस एवं मूर्ति विसर्जन को भी ध्यान में रखते हुए जिले में विधि-व्यवस्था को बनाए रखेंगे।
समाहरणालय में जिला नियंत्रण कक्ष चालू है। यह नियंत्रण कक्ष चार से पांच सितंबर तक किसी भी तरह कि घटना की सूचना दे सकते है। नियंत्रण कक्ष में विधि-व्यवस्था की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
