यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'दरभंगा AIIMS की जमीन देने की तारीख बताएं, लटकाने-भटकाने की राजनीति छोड़ें', सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार पर बोला हमला
Bihar Politics बिहार में दरभंगा एम्स को लेकर राजनीति काफी समय से हो रही है। हाल ही में नीतीश कुमार ने अपने दरभंगा पहुंच कहा था कि केंद्र सरकार का पत्र ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, दरभंगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने मंगलवार को दरभंगा में एम्स को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला। कहा कि एम्स की जमीन देने की तारीख बताएं ताकि प्रधानमंत्री से मिलकर एम्स के शिलान्यास के लिए आग्रह किया जाए।
लटकाने-भटकाने की राजनीति छोड़ दीजिए। चौधरी एनएच स्थित जिला भाजपा कार्यालय में मंगलवार को मीडिया से बातचीत कर रहे थे। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुझे घाेर आश्चर्य हुआ जब मुख्यमंत्री दरभंगा आए। यहां आने के बाद वहीं सब काम किया जो एनडीए की सरकार में हम लोगों ने शुरुआत की थी।
सर्जिकल वार्ड निर्माण की शुरुआत 2017-18 में जब भाजपा बिहार सरकार में थी, शुरू कराया गया। दुर्भाग्य यह है कि सर्जिकल वार्ड का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ, हैंडओवर नहीं हुआ और इसका उदघाटन करने मुख्यमंत्री आ गए। किस चीज की हड़बड़ी है, पता नहीं।
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डीएमसीएच के निर्माण के 60 साल हो गए। तीन सौ बेड का पूरा अस्पताल बनना था, 33 वर्षों से लालूजी और नीतीशजी हैं, नहीं पूरा हुआ। सबसे बड़ा अड़ंगा यह है कि बिहार सरकार और उसके मुखिया नीतीश कुमार पिछले आठ वर्षों से एम्स के निर्माण को अटकाने और भटकाने का कार्य कर रहे हैं।
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2019 में इसकी स्वीकृति मिल गई। हमको घोर आश्चर्य हुआ कि जब यहां आकर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हजारों हजार करोड़ रुपये लगाकर हम जमीन देते हैं और नाम नरेंद्र मोदी का होता है। प्रदेश अध्यक्ष चौधरी ने कहा कि ये आपको अच्छा नहीं लगता है। आप जमीन माफिया के साथ गरीबों की जमीन लेने वाले लोग हैं।
एम्स बनेगा तो पूरे उत्तर बिहार के लिए वरदान साबित होगा। प्रत्येक वित्तीय वर्ष में पांच सौ करोड़ रुपये दिए जाते हैं और हजारों करोड़ रुपये एम्स के निर्माण में लगाए जाते हैं। ये बिहार का हिस्सा है। भारत सरकार बिहार की स्वास्थ्य सुविधा को बढ़ाना चाहती है।
आप सोचिए कि बिहार जैसे प्रदेश में जहां आयुष्मान भारत कार्ड पांच करोड़ 36 लाख लोगों का बनना है, वहां मात्र 87 लाख लोगों का बना है। पूरे गरीबों की चिंता नरेन्द्र मोदी की सरकार करना चाहती है। भारत सरकार ने शोभन के लिए सहमति भी दे दी है, अब बिहार सरकार तारीख बताएं कि किस दिन हम लोग प्रधानमंत्री से आग्रह करें कि वे दरभंगा आएं और एम्स का निर्माण शुरू करें। कब मिट्टी भराई का काम पूरा करके हैंडओवर करेंगे।
जमीन देने में भी करने वाले हैं घोटाला
चौधरी ने कहा कि दो सौ एकड़ जमीन देना है। इसके लिए ये लोग तीन हजार करोड़ रुपये का प्लान किए हुए हैं। अब सोचिए जमीन देने में कितना घोटाला करने वाले हैं। मुंगेर में भी अभी ये लोग गए थे शिलान्यास करने। जमीन 15 एकड़ भी उपलब्ध नहीं कराया।
जमीन खरीदने के लिए दरभंगा और मुंगेर में ये लोग बुद्धि लगा रहे हैं। जबकि यहां हजारों एकड़ जमीन खाली पड़ा हुआ है। मेरी मांग इतनी ही है कि नीतीश जी यदि चिंतित हैं तो तारीख बताएं कि जमीन कब तक हैंडओवर हो जाएगा। लेकिन बिहार की सरकार सिर्फ अटकाने और भटकाने में लगी रहती है।
एयरपोर्ट पर लिया जा रहा 29 प्रतिशत वैट
एयरपोर्ट के निर्माण में भी तीन टुकड़े में जमीन देने का काम किया गया। जब तक एयरपोर्ट पर बड़ा रनवे नहीं बनेगा तब तक ज्यादा विमान उतर नहीं सकता है तो टिकट का दाम नीचे कैसे आएगा। पटना, बिहटा, पूर्णिया कहीं भी ये लोग जमीन देना नहीं चाहते हैं।
सभी जगह उड़ान के माध्यम से एक प्रतिशत वैट लिया जाता है, यहां पर बिहार सरकार 29 प्रतिशत वैट लेने का काम कर रही है। बिहार के लोग बाहर जाते हैं मजदूरी करने उसका भी पैसा बिहार सरकार लेने का काम कर रही है।
मौके पर विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष हरि सहनी, सांसद डा. गोपालजी ठाकुर, डा. अशोक कुमार यादव, विधायक संजय सरावगी, जिलाध्यक्ष जीवछ सहनी आदि मौजूद थे।
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