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    दरभंगा के दिग्घी, हराही और गंगासागर तालाबों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, मिट्टी भरने पर तत्काल रोक

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 07:01 PM (IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने दरभंगा के ऐतिहासिक दिग्घी, हराही और गंगासागर तालाबों में मिट्टी भरने की बुडको और जिला प्रशासन की योजना पर रोक लगा दी है। यह फैसला 'ता ...और पढ़ें

    गंगासागर तालाब के किनारे भरी गई मिट्टी। जागरण।

    गंगासागर तालाब के किनारे भरी गई मिट्टी। जागरण।

    संवाद सहयोगी, दरभंगा । शहर के ऐतिहासिक दिग्घी ,हराही और गंगासागर तालाबों में सुंदरीकरण के नाम पर मिट्टी भरने की बुडको और जिला प्रशासन की योजना पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है।

    मिट्टी भराई पर नजर रखने का आदेश 

    तालाब बचाओ अभियान की ओर से अधिवक्ता रेणु और कमलेश कुमार मिश्र ने उक्त जानकारी दी। अभियान की ओर से दायर याचिका संख्या 362/ 26 की सुनवाई के क्रम में उच्चतम न्यायालय ने उक्त अंतिम आदेश पारित करते हुए अभियान के सदस्यों को भी मिट्टी भराई पर नजर रखने को कहा है।

    सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति विक्रम नाथ जी व जस्टिस संदीप मेहता के न्यायालय में निर्धारित था। अभियान के संयोजक नारायण जी चौधरी ने बताया कि अपनी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय पारीख से तालाब बचाओ अभियान का पक्ष रखने का आग्रह किया था।

    लेकिन सुबह उनके कार्यालय से सूचना मिली कि वह नहीं आ पाएंगे। जब केस सुनवाई पर आया तब अधिवक्ता रेणु अभियान की ओर से न्यायमूर्ति के समक्ष पक्ष रखने की कमान संभाली।

    सुनवाई शुरू होते ही बिहार सरकार की ओर से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट में यह मुकदमा नहीं चलना चाहिए । इसे खारिज कर दिया जाना चाहिए।

    तालाब बचाओ आंदोलन की ओर से कहा गया कि बुडको ने अपने हलफनामे में साफ लिखा है कि वे तालाब में लगभग चार एकड़ के जल क्षेत्र में मिट्टी भर रहे हैं, जो कि पूरी तरह गैर कानूनी है। न्यायालय को अवगत कराया गया कि बुडको मात्र एक कांट्रेक्टर है ।

    बिहार सरकार और डीएम दरभंगा को अपना हलफनामा दायर करना चाहिए कि तालाब का रकबा कितना है और अब तक अतिक्रमण हटाने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं।

    सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर अचरज जाहिर किया कि तालाबों को कैसे भरा जा सकता है । न्यायालय ने बिहार सरकार के वकील से कहा कि वे तुरंत अंडरटेकिंग दें कि वे मिट्टी भराई का कार्य तत्काल प्रभाव से रोकें ।

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    तालाब में आगे और मिट्टी ना भरें। बिहार सरकार के अधिवक्ता ने पहले तो ऐसा वचन देने में आनाकानी की ।लेकिन जब न्यायालय ने कहा कि अगर वे ऐसी अंडरटेकिंग नहीं देते हैं तो सुप्रीम कोर्ट पूरे प्रोजेक्ट पर रोक लगा देगी।

    ऐसी स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार की ओर से मौखिक आश्वासन और वचन दिया गया कि तालाब में और मिट्टी नहीं डाली जाएगी।

    कोर्ट ने तालाब बचाओ अभियान को यह भी निर्देशित किया कि तालाबों पर नजर रखें और अगर ऐसी अंडरटेकिंग के बाद भी मिट्टी डाली जाती है तो वे सुप्रीम कोर्ट में तत्काल आवेदन दाखिल करें।

    अभियान के संयोजक नारायण जी चौधरी सहित तालाब बचाओ अभियान के पदाधिकारियों ने न्यायिक आदेश का स्वागत करते हुए दोनों अधिवक्ताओं को बधाई दी और आशा जताई कि अब तीनों ऐतिहासिक तालाबों का वजूद बरकरार रह सकेगा।