दरभंगा श्यामा मंदिर वित्तीय गड़बड़ी, पूर्व अधिकारियों ने जांच समिति के सामने रखा अपना पक्ष
Bihar Temple Trust Scam: दरभंगा के श्यामा मंदिर न्यास में वित्तीय अनियमितता मामले में पूर्व अधिकारियों ने जांच समिति के ...और पढ़ें

मामले में आगे की विधिवत सुनवाई के लिए जल्द ही अगली तिथि निर्धारित की जाएगी।
HighLights
पूर्व अधिकारियों ने श्यामा मंदिर वित्तीय अनियमितता मामले में पक्ष रखा।
अपर समाहर्ता रोहित कुमार की अध्यक्षता में जांच समिति कर रही समीक्षा।
वित्तीय वर्ष 2014-17 के बीच हुई थी बड़ी हेराफेरी।
जागरण संवाददाता, दरभंगा। Shyama Mandir Darbhanga Trust: मां श्यामा मंदिर न्यास समिति में हुई वित्तीय अनियमितता के मामले में गुरुवार को पूर्व अधिकारियों ने गठित तीन सदस्यीय जांच समिति के समक्ष अपना पक्ष रखा।
अपर समाहर्ता रोहित कुमार के समक्ष तत्कालीन सह सचिव श्रीपति त्रिपाठी, तत्कालीन प्रबंधक हेमचंद्र राय और तत्कालीन कोषाध्यक्ष दयाकांत मिश्र व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए।
वहीं तत्कालीन लेखापाल पल्लव कुमार झा ने ईमेल के माध्यम से जांच कमेटी को अपना लिखित स्पष्टीकरण भेजा।
अगली तिथि होगी तय
अपर समाहर्ता रोहित कुमार ने बताया कि सभी पूर्व पदाधिकारियों द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण और दस्तावेजों की विस्तृत समीक्षा की जा रही है। मामले में आगे की विधिवत सुनवाई के लिए जल्द ही अगली तिथि निर्धारित की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2016-17 के बीच न्यास समिति के खातों में बड़े पैमाने पर वित्तीय हेराफेरी का मामला उजागर हुआ था।
आठ साल तक दबी रही फाइल
पटना के अधिकृत अंकेक्षक द्वारा विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बावजूद आठ वर्षों तक इस गंभीर मामले में कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई थी।
स्थानीय स्तर पर रसूख के चलते मामले को ठंडे बस्ते में डालकर फाइल बंद कर दी गई थी। वर्तमान जिलाधिकारी कौशल कुमार के कड़े रुख के बाद पिछले वर्ष 31 दिसंबर को इस दबी हुई संचिका को दोबारा खोला गया।
डीएम के निर्देश पर समिति
जिलाधिकारी के निर्देश पर चारों आरोपितों को कथित गबन की राशि राजकोष में जमा कराने या साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष रखने का अंतिम नोटिस जारी किया गया था।
नोटिस के जवाब में पूर्व अधिकारियों ने खुद को बेकसूर बताते हुए गलत अकाउंटिंग प्रविष्टि और अन्य कर्मियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था। इसके बाद डीएम के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति अब पूरे मामले की बिंदुवार पड़ताल कर रही है।
