विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अपराधी से सांठगांठ के आरोप में मोतिहारी के लखौरा थानाध्यक्ष निलंबित, डीआईजी की बड़ी कार्रवाई

Published: Fri, 10 Jul 2026 08:01 PM (IST)

Police Criminal Nexus Bihar: पूर्वी चंपारण के लखौरा थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार को डीआईजी हर किशोर राय ने निलंबित कर दिया ...और पढ़ें

पुलिस और अपराधियों के बीच गठजोड़ सामने आने के बाद महकमे में हड़कंप।

पुलिस और अपराधियों के बीच गठजोड़ सामने आने के बाद महकमे में हड़कंप।

HighLights

  1. लखौरा थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार निलंबित किए गए।

  2. अपराधी से सांठगांठ, महंगे गिफ्ट लेने का आरोप।

  3. डीआईजी हर किशोर राय ने की सख्त कार्रवाई।

संवाद सहयोगी, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। Champaran DIG Action: बिहार पुलिस महकमे से इस वक्त एक बेहद शर्मनाक और बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने खाकी को एक बार फिर दागदार कर दिया है।

पूर्वी चंपारण जिले के लखौरा थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार को चंपारण प्रक्षेत्र के डीआईजी (DIG) हर किशोर राय ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

यह सख्त कार्रवाई व्हाट्सएप चैट, महंगे गिफ्ट लेने और एक कुख्यात अपराधी को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोपों की प्रारंभिक जांच में सही पाए जाने के बाद की गई है।

पुलिस और अपराधियों के बीच इस तरह के गठजोड़ के सामने आने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है।

जेल में बंद अपराधी के रिश्तेदार ने खोली पोल

डीआईजी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई आपराधिक मामलों में फिलहाल जेल की हवा खा रहे राहुल कुमार सिंह के एक करीबी रिश्तेदार की लिखित शिकायत पर हुई है।

शिकायतकर्ता ने लखौरा थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया था कि थानाध्यक्ष केस (कांड) से नाम हटाने और मदद करने के बदले लगातार मोटी रकम और अन्य सुविधाएं वसूल रहे थे। शिकायत के साथ पुख्ता सबूत के तौर पर कई व्हाट्सएप चैट, तस्वीरें और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी डीआईजी को सौंपे गए थे।

गिफ्ट का दौर खत्म होते ही फंसाने की धमकी

डीआईजी हर किशोर राय ने बताया कि लिखित आवेदन में दिए गए आरोपों के अनुसार, जेल जाने से पहले अपराधी राहुल कुमार सिंह और थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार लगातार एक-दूसरे के सीधे संपर्क में थे।

थानाध्यक्ष उससे नियमित रूप से कीमती उपहार भी लिया करते थे। हालांकि, कुछ समय बाद एक केस से नाम हटाने के एवज में पैसों के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच विवाद (खटास) पैदा हो गया।

विवाद बढ़ने पर थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार ने अपराधी राहुल को गंभीर परिणाम भुगतने और किसी बड़े मामले में फंसाने की धमकी तक दे डाली थी।

जांच में साक्ष्य सही मिलते ही कार्रवाई

डीआईजी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उपलब्ध कराए गए सभी डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गोपनीय तरीके से सत्यापन कराया।

जांच टीम की रिपोर्ट में थानाध्यक्ष के खिलाफ लगाए गए तमाम आरोप प्रथम दृष्टया बिल्कुल सही पाए गए। इसके तुरंत बाद विभागीय अनुशासनहीनता और पेशेवर कदाचार के आरोप में थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया गया।

फिलहाल उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

किसी भी पुलिस अधिकारी का किसी अपराधी के साथ सीधे संपर्क में रहना, उसकी मदद करना और निजी लाभ के लिए पद का दुरुपयोग करना बेहद गंभीर और अक्षम्य मामला है। प्राप्त पुख्ता आवेदन और साक्ष्यों के आलोक में तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है। पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

-

हर किशोर राय, डीआईजी, चंपारण प्रक्षेत्र

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।