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    क्यों लगातार गिर रही आलू की कीमत? 400 से 500 रुपये क्विंटल पर लागत निकालना भी मुश्किल

    By Shashi Shekhar Singh Edited By: Ajit kumar
    Updated: Mon, 16 Mar 2026 03:34 PM (IST)

    Potato Farmers Crisis India: बाजार में आलू 400-500 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है, जिससे लागत निकालना मुश्किल हो गया है। बड़े किसान कोल्ड स्टोरेज में ...और पढ़ें

    Potato Market Price Bihar-: छोटे किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर ही अपनी उपज बेचनी पड़ रही। फाइल फोटो

    Potato Market Price Bihar-: छोटे किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर ही अपनी उपज बेचनी पड़ रही। फाइल फोटो

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    संक्षेप में पढ़ें

    संवाद सहयोगी, मधुबन (पूर्वी चंपारण)। Potato Market Price Bihar: प्रखंड क्षेत्र में आलू की कीमतों में लगातार गिरावट से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बाजार में आलू का भाव घटकर 400 से 500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, जिससे किसानों के लिए लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।

    हालांकि इस गिरावट का असर सभी किसानों पर समान रूप से नहीं पड़ रहा है। बड़े किसान, जिनके पास कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने की सुविधा है, वे अपनी फसल को फिलहाल रोककर बेहतर कीमत का इंतजार कर रहे हैं। वहीं छोटे किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर ही अपनी उपज बेचनी पड़ रही है।

    45 से 50 हजार तक खर्च

    किसानों का कहना है कि आलू की खेती में बीज, खाद, मजदूरी, सिंचाई और कीटनाशकों पर प्रति बीघा लगभग 45 से 50 हजार रुपये तक खर्च आता है। ऐसे में मौजूदा कीमत पर आलू बेचने से लागत निकालना भी कठिन हो गया है।

    कीमत में लगातार गिरावट

    किसान रामबाबू सिंह, लक्ष्मण प्रसाद, महेंद्र कुशवाहा, रत्नेश सिंह और प्रेम कुमार ने बताया कि जब आलू की खुदाई शुरू हुई थी, उस समय बाजार में कीमत करीब एक हजार रुपये प्रति क्विंटल तक थी। लेकिन जैसे ही बाजार में आवक बढ़ी, कीमतों में लगातार गिरावट आने लगी।

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    बड़े किसान अपनी फसल को कोल्ड स्टोरेज में रखकर भविष्य में बेहतर दाम मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। लेकिन छोटे किसानों के पास भंडारण की सुविधा नहीं होने से उन्हें तुरंत बाजार में आलू बेचना पड़ रहा है।

    कीमत गिरने के प्रमुख कारण

    किसानों और जानकारों के अनुसार इस वर्ष अनुकूल मौसम के कारण बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में आलू की बंपर पैदावार हुई है। इसके अलावा अन्य राज्यों से भी सस्ता आलू बिहार की मंडियों में पहुंच रहा है, जिससे स्थानीय आलू की मांग प्रभावित हुई है।

    साथ ही पिछले वर्ष का बचा हुआ स्टॉक भी कोल्ड स्टोरेज से बाजार में आने लगा है। बाजार में एक साथ अधिक आपूर्ति होने से कीमतों पर दबाव बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही बाजार में कीमतों में सुधार नहीं हुआ तो छोटे किसानों के सामने आर्थिक संकट और गहरा सकता है।

    एक एकड़ में आलू की खेती की लागत और उत्पादन (अनुमानित)

    विवरण अनुमानित आंकड़ा (प्रति एकड़)
    कुल लागत (Input Cost) ₹50,000 – ₹65,000
    औसत उत्पादन (Yield) 100 – 130 क्विंटल

    लागत का विस्तृत विवरण

    मद अनुमानित खर्च (प्रति एकड़)
    बीज ₹25,000 – ₹30,000
    खाद और उर्वरक ₹8,000 – ₹10,000
    सिंचाई और मजदूरी ₹10,000 – ₹15,000
    दवाइयां और अन्य खर्च ₹5,000 – ₹7,000