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    Pig Farming: 3 साल पहले 18 हजार में शुरू किया सूअर पालन का काम, अब हर साल होती है 3 लाख की कमाई

    Updated: Fri, 06 Feb 2026 09:48 AM (IST)

    संग्रामपुर के शिव राम ने 2024 में 18 हजार रुपये से दो सूअरों के साथ सूअर पालन शुरू किया। तीन साल में वे सालाना 3-4 दर्जन सूअर बेचकर अपनी आर्थिक स्थिति ...और पढ़ें

    सूअर पालन का काम

    सूअर पालन का काम

    संवाद सहयोगी, संग्रामपुर। महज दो सूअर से फार्मिंग कार्य शुरू करके महज तीन साल मे अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में जुटे हैं प्रखंड के वरवा पंचायत के शिव राम। उसने वर्ष 2024 में महज दो सूअर के बच्चे को खरीद कर उसकी फार्मिंग करना शुरू किया और प्रतिवर्ष वह कम से कम तीन से चार दर्जन के करीब सूअर बेच कर अपने मुकाम तक पहुंचने में जुटे हैं। 

    शिव बताते हैं कि शुरुआती दौर में वे अठारह हजार की राशि एकत्रित करके पिपरा कोठी पिंग फार्म से एक नर और एक मादा सूअर का बच्चा खरीदा और तत्काल दो कमरे का निर्माण करके उसको पालना शुरू किया। 

    एक बार में सात बच्चा 

    लगभग आठ माह के बाद मादा सूअर ने एक बार में सात बच्चा दिया फिर उनके द्वारा एक और कमरा निर्माण करवा कर उसमें पालने का काम शुरू किया। जब सात बच्चे एक किवंटल से लेकर अस्सी किलो का वजन हुआ तो उसको बेच कर फिर अपना काम आगे बढ़ाया।

    उसने बताया की सात सूअर के बच्चों को दाना खिलाना शुरू किया। छः माह में सूअर के बच्चों का वजन लगभग अस्सी से नब्बे किलो हुआ। इसमें लगभग सतर हजार का दाना खिलाया। 

    वर्तमान में उनके पास ग्यारह सूअर

    उसने बताया कि वर्तमान में उनके पास ग्यारह सूअर हैं जिनमें तीन नर और चार मादा हैं। जो हर छ:माह पर एक मादा सूअर कम से पांच से छः बच्चे देता है और उसी को तैयार कर बेचते हैं और उनका घर परिवार चला रहे है।

    बताते हैं कि इसको बड़े पैमाने पर बढ़ाने के लिए कई बार बैंक से ऋण के लिए सम्पर्क किया लेकिन लगभग एक साल बैंक में आना जाना लगा रहा लेकिन ऋण के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिला। इनका दर्द हैं की एक तरफ सरकार सूअर पालन को लेकर लेकर योजना चला रही हैं लेकिन जो व्यक्ति इसको धरातल पर उत्तराने के प्रयास मे हैं उसे योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा हैं!

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    सरकार यदि सहयोग करें तो इसको और बेहतर ढंग से करेंगे? लेकिन पूंजी के अभाव में ऐसा नहीं हो पा रहा है।- शिव राम, सूअर पालन से जुड़े किसान

    सूअर पालन,बकरी पालन, मछली पालन मुर्गी पालन के लिए सरकारी स्तर पर योजनाए संचालित हैं। इनको सहयोग मिले इसके लिए वरीय पदाधिकारी से बात की जाएगी।-पंकज द्विवेदी, जिप सदस्य संग्रामपुर