बिहार ट्रांसफर-पोस्टिंग रिश्वतकांड में राजन जायसवाल से पूछताछ जारी, सामने आ रहे चौंकाने वाले राज
Bihar Transfer Posting Scam: बिहार ट्रांसफर-पोस्टिंग रिश्वतकांड में मोतिहारी के एसडीओ से 25 लाख मांगने के आरोपी राजन जायसवाल से एसटीएफ पूछताछ कर रही ह ...और पढ़ें

स्वर्ण प्रभात। फाइल फोटो
HighLights
राजन जायसवाल से 5 दिन की रिमांड पर पूछताछ।
पूछताछ में कई अहम जानकारियां, डिजिटल साक्ष्य मिले।
पटना के बिल्डर से संबंध की भी जांच जारी।
संजय कुमार उपाध्याय, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। Bihar Transfer Posting Scam: बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग में कथित रिश्वतखोरी के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आ रहे हैं।
मोतिहारी सदर के अनुमंडल पदाधिकारी से 25 लाख रुपये की मांग करने के आरोपित राजन जायसवाल से राज्य एसटीएफ और मोतिहारी साइबर थाना की टीम लगातार पूछताछ कर रही है।
पांच दिन की रिमांड
सिवान जिले के मैरवा थाना क्षेत्र निवासी राजन जायसवाल को पुलिस ने पांच दिनों की रिमांड पर लिया है। पूछताछ सुरक्षित स्थान पर की जा रही है।
जांच टीम अलग-अलग बिंदुओं पर उससे पूछताछ कर रही है और सामने आए तथ्यों का सत्यापन भी किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम में ऐसे अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर के चर्चित मामलों की जांच का अनुभव है।
कई नए तथ्य मिले
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। राजन के मोबाइल फोन से मिले डाटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर भी उससे सवाल-जवाब किए जा रहे हैं।
हालांकि, जांच एजेंसियों ने अब तक पूछताछ के निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों का सत्यापन होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिल्डर से जुड़े होने की चर्चा
सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि राजन जायसवाल का संपर्क पटना के एक चर्चित बिल्डर से रहा है। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि इस नेटवर्क की पहुंच प्रशासनिक तंत्र तक रही है। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
एसडीओ की शिकायत से खुला मामला
मामला तब सामने आया जब मोतिहारी सदर के अनुमंडल पदाधिकारी अरुण कुमार ने 19 जुलाई को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
उन्होंने आरोप लगाया कि 12 जुलाई को स्थानांतरण-पदस्थापन की अधिसूचना जारी होने के बाद राजन जायसवाल ने व्हाट्सएप कॉल और संदेश के माध्यम से उनसे 25 लाख रुपये की मांग की।
शिकायत के अनुसार, आरोपित ने रुपये नहीं देने पर स्थानांतरण आदेश स्थगित करा देने की धमकी भी दी थी। इसके समर्थन में उसने कथित तौर पर पूर्व के स्थगन आदेश से जुड़े दस्तावेज भी भेजे थे।
एसटीएफ ने किया गिरफ्तार
शिकायत के आधार पर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद राज्य एसटीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजन जायसवाल को पटना के मोकामा से गिरफ्तार कर लिया।
आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे जेल भेजा गया। अब पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
मोतिहारी एसडीओ की पदस्थापना के लिए 25 लाख रुपये मांगने के मामले में जेल भेजे गए राजन जायसवाल को पुलिस ने पांच दिनों की रिमांड पर लिया है। राजन से राज्य एसटीएफ व साइबर थाना पुलिस की टीम पूछताछ कर रही है। इसमें कई बातें सामने आई हैं। सबकी जांच चल रही है।
स्वर्ण प्रभात, पुलिस अधीक्षक, पूर्वी चंपारण