Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बिहार के चकिया में नई चीनी मिल की तैयारी तेज, केंद्रीय टीम ने महुआवा में किया स्थल निरीक्षण

    By Sanjay Singh Edited By: Ajit kumar
    Updated: Fri, 10 Apr 2026 07:33 PM (IST)

    Bihar Sugar Industry: पूर्वी चंपारण के चकिया में नई चीनी मिल की स्थापना की कवायद तेज हो गई है। नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री लिमिटेड की के ...और पढ़ें

    चकिया के महुआवा में प्रस्तावित चीनी मिल स्थल का निरीक्षण करती दिल्ली की टीम। फोटो: जागरण

    चकिया के महुआवा में प्रस्तावित चीनी मिल स्थल का निरीक्षण करती दिल्ली की टीम। फोटो: जागरण 

    संवाद सहयोगी, चकिया (पूर्वी चंपारण)। Chakia Sugar Mill: पूर्वी चंपारण के चकिया में नई चीनी मिल की स्थापना को लेकर कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री लिमिटेड (एनएफसीएसएफ) की केंद्रीय टीम ने महुआवा में प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया।

    नई साइट का लिया जायजा

    टीम ने सबसे पहले वर्षों से बंद पड़ी चकिया चीनी मिल परिसर का निरीक्षण किया और वहां की आधारभूत संरचना व वर्तमान स्थिति का आकलन किया। इसके बाद पांच किलोमीटर पश्चिम राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे महुआवा में चिन्हित नई भूमि का भी निरीक्षण कर उसकी उपयुक्तता जांची।

    किसानों से संवाद और आंकड़ों का संग्रह

    एरिया अध्ययन के दौरान टीम ने आसपास के किसानों से बातचीत कर गन्ना उत्पादन, आपूर्ति व्यवस्था और उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
    साथ ही कृषि विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों से मिलकर उत्पादन, सिंचाई और तकनीकी पहलुओं पर भी चर्चा की गई।

    आधुनिक तकनीक से बनेगी नई मिल

    निरीक्षण के बाद टीम के अधिकारी आरडी डोले ने बताया कि पुरानी मिल 500 मीट्रिक टन क्षमता की थी और पुरानी तकनीक पर आधारित थी।
    अब प्रस्तावित नई मिल 3500 एमटी क्षमता की आधुनिक तकनीक से लैस होगी, जिसमें इथेनॉल, बायो-सीएनजी और अन्य बायो प्रोडक्ट्स के उत्पादन की भी संभावना है।

    खबरें और भी

    शहरीकरण के कारण बदली जगह

    उन्होंने बताया कि पुरानी मिल के आसपास अब शहरीकरण हो चुका है, इसलिए नई मिल के लिए अलग स्थान का चयन किया गया है। इससे भविष्य में विस्तार और औद्योगिक विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।

    रोजगार और किसानों को होगा फायदा

    नई चीनी मिल स्थापित होने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन पर रोक लगेगी।
    गन्ना एक साल भर की फसल होने के कारण किसानों की आय में भी वृद्धि होगी और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

    रिपोर्ट के आधार पर होगा फैसला

    केंद्रीय टीम द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों का विश्लेषण कर सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इसके आधार पर नई चीनी मिल की स्थापना को लेकर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

    कई अधिकारी रहे मौजूद

    निरीक्षण के दौरान एनएफसीएसएफ के तकनीकी पदाधिकारी, गन्ना विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित मिलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। यह परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए अहम मानी जा रही है।