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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'जबतक जिंदा हूं तबतक...', राष्ट्रपति के सामने छलका नीतीश कुमार का भाजपा प्रेम, तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा हॉल

    By Jagran NewsEdited By: Yogesh Sahu
    Updated: Thu, 19 Oct 2023 02:33 PM (GMT+05:30)

    CM Nitish Kumar बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर अपनी सधी हुई राजनीति का परिचय देते हुए गुरुवार को बड़ा सियासी बयान दिया। उन्होंने एनडी ...और पढ़ें

    'जबतक जिंदा हूं तबतक...', राष्ट्रपति के सामने नीतीश कुमार का छलका भाजपा प्रेम, तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा हॉल
    'जबतक जिंदा हूं तबतक...', राष्ट्रपति के सामने नीतीश कुमार का छलका भाजपा प्रेम, तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा हॉल

    HighLights

    1. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिया सधी राजनीति का परिचय
    2. दीक्षांत समारोह में संबोधित करते हुए दिया बड़ा सियासी बयान

    जागरण संवाददाता, मोतिहारी। बिहार में राहें जुदा करने के करीब दो साल बाद गुरुवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भाजपा प्रेम छलक पड़ा। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना इशारों-इशारों में इसे जाहिर किया।

    दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह के मंच से संबोधित कर रहे थे। 

    इसकी स्थापना का इतिहास दोहराते हुए सीएम नीतीश कुमार ने एक बड़ा राजनीतिक बयान दे दिया। उन्होंने कहा कि जब तक हम जीवित रहेंगे, हमारा-आपका संबंध रहेगा।

    हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में उपस्थित लोगों के बीच विभिन्न दलों के नेताओं को मौजूदगी में उन्होंने सामने बैठे नेताओं की ओर इशारा किया।

    ...तब से मैं लगा रहा : नीतीश

    उन्होंने कहा कि 2007 में केंद्र सरकार देश के विभिन्न राज्यों में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना की शुरुआत की। हमने तभी कहा था कि इसकी स्थापना बापू के चंपारण सत्याग्रह की भूमि पर होगी।

    2009 में अधिनियम बना और तब से मैं लगा रहा, तब कांग्रेस की सरकार थी। मैं तबके मंत्री के यहां भी गया। भेंट भी की और आवास पर भोजन किया।

    उन्होंने कहा कि गया में खोलेंगे, लेकिन हमने चंपारण के लिए कहा। फिर यह तय हुआ दोनों स्थानों पर केंद्रीय विश्वविद्यालय खुलेगा।

    इसके बाद 2014 में केंद्र की सरकार ने मोतिहारी में केंद्रीय विश्वविद्यालय खोलने की सहमति दी। हमने इसका नाम महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय रखने का प्रस्ताव दिया।

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    एनडीए के नेताओं की ओर किया इशारा

    इसी के बाद व्यंगात्मक लहजे में नीतीश ने सामने बैठे एनडीए के नेताओं की ओर इशारा करते हुए कहा- तब हम साथ थे। याद है न 2005। हमारी दोस्ती तब भी थी। अब भी है।

    जब तक हम जीवित रहेंगे हमारा-आपका संबंध रहेगा। सधी राजनीति का परिचय देते हुए मुख्यमंत्री ने वोट पर भी बात की और विकास पर भी बोले।

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