East Champaran : खेल-खेल में पढ़ाई और प्रयोगों से बदली शिक्षा की तस्वीर, मो. सगीर को राष्ट्रीय सम्मान
मोतिहारी के बंजरिया प्रखंड के शिक्षक मो. सगीर अख्तर को नवाचारी शिक्षण और सामाजिक सरोकारों के लिए राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2026 ...और पढ़ें

बंजरिया के शिक्षक मो. सगीर अख्तर राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित।
HighLights
मो. सगीर अख्तर को राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2026 मिला।
खेल-खेल में पढ़ाई और प्रयोगों से शिक्षा में नवाचार।
अनुशासन व पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया।
संवाद सहयोगी, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। स्कूल की कक्षा में किताबों से आगे बढ़कर बच्चों को प्रयोग, खेल और गतिविधियों के जरिए पढ़ाने की पहल अब राष्ट्रीय मंच तक पहुंची है।
बंजरिया प्रखंड के राजकीय उत्क्रमित विद्यालय के शिक्षक मो. सगीर अख्तर को उनके नवाचारी शिक्षण, अनुशासन और सामाजिक सरोकारों के लिए राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया। समस्तीपुर में मुशाय नायक सीता देवी एजुकेशनल ट्रस्ट की ओर से आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
नवाचारी तरीके से पढ़ाने की पहचान
मो. सगीर अख्तर बच्चों को पारंपरिक तरीके से पढ़ाने के साथ शिक्षण को रोचक बनाने पर जोर देते हैं। वे खेल-खेल में शिक्षा, गतिविधि आधारित शिक्षण और टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मटेरियल) का प्रयोग करते हैं। इससे कठिन विषय भी बच्चों के लिए आसानी से समझने योग्य बनते हैं।
प्रयोगों से विज्ञान की पढ़ाई
विज्ञान विषय को सरल बनाने के लिए शिक्षक प्रयोग और प्रायोगिक गतिविधियों का सहारा लेते हैं। उनका प्रयास रहता है कि बच्चे केवल पाठ याद न करें, बल्कि उसके पीछे छिपे वैज्ञानिक कारणों को भी समझें। इससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और विषय के प्रति जिज्ञासा विकसित हो रही है।
अनुशासन पर विशेष जोर
विद्यालय में अनुशासन बनाए रखने को लेकर भी मो. सगीर अख्तर सजग रहते हैं। बिना आउट-पास के किसी विद्यार्थी को कक्षा से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाती। उनका मानना है कि बेहतर शिक्षा के लिए पढ़ाई के साथ अनुशासन भी जरूरी है।
सूने परिसर को बनाया हरा-भरा
विद्यालय परिसर को हरा-भरा बनाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। एक समय सूना दिखने वाला स्कूल परिसर अब हरियाली से भरा है। पेड़-पौधों की देखभाल के जरिए बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है।
कई मंचों पर हो चुका सम्मान
शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को पूर्व में भी कई मंचों पर सराहा जा चुका है। नवाचारी शिक्षण और सामाजिक दायित्वों के प्रति उनकी सक्रियता के कारण विद्यार्थियों के बीच भी उनकी अलग पहचान है। छात्र उन्हें अपना प्रिय शिक्षक मानते हैं। राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान मिलने से विद्यालय परिवार और क्षेत्र के लोगों में खुशी है।
