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    पूर्वी चंपारण में सियार के काटने से दो ग्रामीणों की मौत, एंटी-रेबीज इंजेक्शन नहीं मिलने पर सवाल

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 11:48 AM (IST)

    पूर्वी चंपारण के पताही प्रखंड में सियार के काटने से दो ग्रामीणों, दीनानाथ राउत और गनी साह, की मौत हो गई है। स्थानीय अस्पतालों में एंटी-रेबीज इंजेक्शन ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    संवाद सहयोगी पताही (पूर्वी चंपारण)। पताही प्रखंड क्षेत्र में सियार काटने से दो ग्रामीणों की मौत हो गई है। पहली घटना पदुमकेर पंचायत के वार्ड संख्या-11 स्थित नारायणपुर गांव की है, जहां सोमवार की देर रात को 62 वर्षीय दीनानाथ राउत की सियार के काटने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई।

    वहीं दूसरी घटना पताही जिहुली गांव की है, जहां मंगलवार की सुबह गनी साह ने भी दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार नारायणपुर निवासी दीनानाथ राउत को कुछ दिन पूर्व सियार ने काट लिया था। हमले के बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।

    परिजनों ने उनका इलाज कराने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। मंगलवार को उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। दीनानाथ राउत अपने पीछे पत्नी और चार पुत्रों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

    10 जुलाई को सियार घर में घुसकर गर्दन पर किया था हमला

    दूसरी ओर जिहुली गांव निवासी गनी साह की भी मंगलवार सुबह मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि 10 जुलाई को सियार उनके घर में घुस आया था और गर्दन पर गंभीर रूप से काट लिया था। घटना के बाद उनका इलाज चल रहा था, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो सका और अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया।

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    गनी साह की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि 10 जुलाई को जिहुली गांव में एक उग्र सियार ने जमकर आतंक मचाया था। उस दौरान एक दर्जन से अधिक लोगों को काटकर घायल कर दिया था। अचानक हुए हमले से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई थी।

    लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे थे। कई घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां सियार के काटने के बाद लगाए जाने वाले आवश्यक एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं थे। मजबूर होकर कई घायलों को इलाज के लिए शिवहर और ढाका के अस्पतालों का रुख करना पड़ा।

    लगातार हो रही घटनाओं से पताही प्रखंड के कई गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही लोग घरों से निकलने से डर रहे हैं। बच्चों और महिलाओं को अकेले बाहर भेजना बंद कर दिया गया है। किसान भी खेतों और बगीचों में जाने से घबराने लगे हैं।

    लोगों का कहना है कि सियार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन अब तक इसे पकड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार हो रहे हमलों और शिकायतों के बावजूद वन विभाग एवं प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

    पहले भी ग्रामीणों ने विशेष अभियान चलाकर सियार को पकड़ने की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण अब दो लोगों की जान चली गई। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं वन विभाग से मांग की है कि प्रभावित गांवों में तत्काल विशेष अभियान चलाकर आदमखोर सियार को पकड़ा जाए। इस संबंध में मुखिया विकास कुमार ने बताया कि मेरे पंचायत के गनी साह की मौत सियार काटने से हो गई है।

    सियार के काटने से हुई दोनों मौतों की सूचना मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। वन विभाग को भी सतर्क रहने और सियार को पकड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। मृतकों के परिजनों को सरकारी प्रावधानों के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
    मंगला कुमारी, एसडीएम पकड़ीदयाल